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Bank Fraud: 28 गुना बढ़े बैंक धोखाधड़ी के मामले, FY25 की पहली छमाही में 21,367 करोड़ रु की हुई ठगी

Bank Fraud In 2024: रिपोर्ट में आगे कहा गया कि निजी क्षेत्र के बैंकों ने सभी धोखाधड़ी के मामलों में से 67.1 प्रतिशत की रिपोर्ट की, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सबसे अधिक वित्तीय प्रभाव का सामना करना पड़ा।

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बढ़े बैंक धोखाधड़ी के मामले

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KEY HIGHLIGHTS
  • बैंक धोखाधड़ी के मामले बढ़े
  • 28 गुना की हुई बढ़ोतरी
  • 21,367 करोड़ रु की हुई ठगी

Bank Fraud In 2024: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार इस वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। इस अवधि में बैंक धोखाधड़ी की कुल 18,461 घटनाएं हुईं, जिनकी राशि 21,367 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामलों की संख्या (वित्त वर्ष 24 के अप्रैल-सितंबर में 14,480) में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि और कुल राशि (2,623 करोड़ रुपये) में आठ गुना से अधिक की वृद्धि है। केंद्रीय बैंक ने अपनी 'ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया' रिपोर्ट में जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2023-24 में, इंटरनेट और कार्ड फ्रॉड कुल धोखाधड़ी राशि का 44.7 प्रतिशत और कुल मामलों का 85.3 प्रतिशत हिस्सा रहा।

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बैंकों पर कितना जुर्माना लगा

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि निजी क्षेत्र के बैंकों ने सभी धोखाधड़ी के मामलों में से 67.1 प्रतिशत की रिपोर्ट की, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सबसे अधिक वित्तीय प्रभाव का सामना करना पड़ा।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2023-24 में कार्ड और इंटरनेट धोखाधड़ी का हिस्सा सबसे अधिक था। जब प्रवर्तन कार्रवाइयों की बात आती है, तो बैंकों पर लगाए गए कुल जुर्माने 2023-24 में 86.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

कुल जुर्माना राशि दोगुनी से अधिक

एफबी और छोटे वित्तीय बैंकों (एसएफबी) को छोड़कर सभी बैंक समूहों में 2023-24 के दौरान विनियमित संस्थाओं (आरई) पर लगाए गए जुर्माने के मामलों में वृद्धि हुई।

आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि 2023-24 में कुल जुर्माना राशि दोगुनी से अधिक हो गई, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक सबसे आगे रहे। सहकारी बैंकों पर लगाए गए जुर्माने की राशि में वर्ष के दौरान कमी आई, जबकि जुर्माना लगाने के मामलों में वृद्धि हुई।

अब इस चीज पर चल रहा काम

धोखाधड़ी फाइनेंशियल सिस्टम के लिए प्रतिष्ठा से जुड़े जोखिम, परिचालन जोखिम, व्यावसायिक जोखिम और वित्तीय स्थिरता के साथ ग्राहक विश्वास को लेकर कई चुनौतियां पेश करती हैं।

आरबीआई ने कहा, "आगे बढ़ते हुए, बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन मानकों, आईटी गवर्नेंस व्यवस्थाओं और ग्राहकों को जोड़ने तथा लेनदेन निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने की निरंतर आवश्यकता है, ताकि संदिग्ध और असामान्य लेनदेन सहित बेईमान गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।"

केंद्रीय बैंक डिजिटल लेंडिंग ऐप्स के सार्वजनिक संग्रह पर काम कर रहा है, ताकि ग्राहकों को इन सेवाओं की वैधता सत्यापित करने में मदद मिल सके। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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