Bajaj Housing Finance IPO: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के बोर्ड ने IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। कंपनी फ्रेश इश्यू और ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) के जरिए ₹4000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक बजाज हाउसिंग फाइनेंस को सितंबर 2025 तक स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होना जरूरी है।
आईपीओ लॉन्च करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही कंपनी
ऐसे में गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस अपने आईपीओ लॉन्च करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने कहा कि आईपीओ बाजार की स्थितियों, अनुमोदन और नियामक मंजूरी के अधीन होगा। इस आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जल्द ही सेबी के पास दाखिल किए जाने की उम्मीद है।
कैसे रहा तिमाही रिजल्ट
बजाज फाइनेंस ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 14,932 करोड़ रुपये रही, जो 2022-23 की इसी तिमाही में 11,368 करोड़ रुपये थी। कंपनी की ब्याज आय मार्च तिमाही में 28 फीसदी बढ़कर 8,013 करोड़ रुपये हो गई, जो मार्च, 2023 तिमाही में 6,254 करोड़ रुपये थी। इसके तहत बीते वित्त साल जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 21 फीसदी बढ़कर 3,825 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2022-23 की समान तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 3,158 करोड़ रुपये रहा था। बता दें कि बजाज फाइनेंस के परिणाम में बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, बजाज फाइनेंशियल सिक्योरिटीज लिमिटेड, स्नैपवर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और पेनांट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
