आज के समय में पर्सनल लोन अप्लाई करना काफी आसान हो गया है। तमाम बैंक और NBFC अपने ऐप के जरिये लोन अप्लाई करने की सुविधा दे रहे हैं। बैंक इतना ही नहीं, कुछ ही मिनटों में डॉक्यूमेंट अपलोड करने और फोन पर स्टेटस ट्रैक करने की सुविधा भी देते हैं। इसके बावजूद पर्सलोन लोन के अप्रूवल में देरी होती है, ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए कि हम जो जानकारी भरते हैं वह अक्सर जल्दबाजी में अधूरी होती है। कई बार बैंक जानकारी सही नहीं पाने पर आवेदन रद्द कर देते हैं या प्रोसेस में देरी करते हैं। इसलिए पर्सनल लोन के आवेदन के समय कॉमन गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि बैंक आपको आसानी से पर्सनल लोन दे दें, उसके लिए किन गलतियों से बचें।
पर्सनल डिटेल्स सही से भरें
पर्सनल लोन अप्लाई करने में अपना पर्सनल डिटेल्स सही से भरें। यहां स्पीड से ज्यादा एक्यूरेसी मायने रखती है। ऐसी जानकारी से फॉर्म शुरू होता है जो रूटीन लगती है जैसे, आपका नाम, पता, PAN, आधार डिटेल्स, जन्म की तारीख, कॉन्टैक्ट जानकारी। कई एप्लिकेंट बिना क्रॉस-चेक किए ये डिटेल्स जल्दी-जल्दी भर देते हैं। इसमें गलती हो जाती है और बैंक से लोन प्रोसेस नहीं हो पाता है।
इनकम और EMI की गलत जानकरी नहीं दें
इसके बाद वह सेक्शन आता है जिसे बैंक सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं— आपकी इनकम। चाहे आप सैलरी वाले हों या बिजनेस, आपसे ऑर्गनाइजेशन का नाम, मंथली इनकम, एम्प्लॉयमेंट टाइप, और कभी-कभी बिजनेस ओनर्स के मामले में सैलरी स्लिप या GST फाइलिंग जैसे प्रूफ मांगे जाएंगे। यहीं पर लोग अक्सर नंबर बढ़ा-चढ़ाकर बताने लगते हैं, उन्हें लगता है कि अप्रूवल आसान हो जाएगा। असल में, बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए इनकम क्लेम तुरंत उलटे पड़ जाते हैं। लेंडर डॉक्यूमेंट्स और बैंक स्टेटमेंट के जरिये इनकम वेरिफाई करते हैं । इसलिए कभी भी गलत जानकरी नहीं दें। यह आवेदन रद्द करने का कारण बन सकता है।
ईमानदारी से बताएं EMI
पर्सनल लोन के फॉर्म में आमतौर पर पूछा जाता है कि क्या आपके पास पहले से लोन हैं — होम, कार, पर्सनल या क्रेडिट-कार्ड EMI। इस जानकारी को कभी नहीं छुपाएं। अगर आप गलत जानकारी देंगे तो बैंक पता कर लेंगे और लोन देने से मना कर देंगे। EMI ईमानदारी से बताना ट्रांसपेरेंसी दिखाता है।
डॉक्यूमेंट अपलोड ऐसे करें
आज के समय में अधिकांश बैंक सीधे डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए कहते हैं। हमेशा लो-रिजॉल्यूशन पिक्चर्स के बजाय क्लियर स्कैन अपलोड करें। अगर आपके सिग्नेचर की जरूरत है, तो एक सादे पेज पर गहरे पेन से साइन करें, उसे ठीक से स्कैन करें और बताए गए तरीके से अपलोड करें।
एक बार सब कुछ रिव्यू जरूर करें
पर्सनल लोन के ज्यादातर रिजेक्शन या वेरिफिकेशन कॉल छोटी-छोटी गलतियों की वजह से होते हैं जैसे— PAN नंबर में गलत डिजिट, फ़ोन नंबर बदलना, मिडिल नेम गायब होना, पुराना पता, या बैंक अकाउंट की डिटेल्स का मैच न होना। फॉर्म सबमिट करने से पहले रिव्यू करने से ये बातें पकड़ में आ जाती हैं। इसलिए फॉर्म जमा करने से पहले एक बार जरूर रिव्यू करें। अगर आप ये काम पर्सनल लोन अप्लाई करने से पहले करेंगे तो आपका आवेदन कभी भी रद्द नहीं होगा और बैंक आसानी से लोन दे देंगे।
