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Atal Pension Yojana: APY पेंशन बढ़ाने पर सरकार और PFRDA के बीच चर्चा, भविष्य की सुरक्षा को लेकर मंथन

Atal Pension Yojana: PFRDA APY की पेंशन बढ़ाने पर सरकार से चर्चा कर रहा है। सब्सक्राइबर तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अधिकतर लोग न्यूनतम 1000 रुपये पेंशन चुन रहे हैं, जिससे भविष्य की सुरक्षा पर चिंता है।

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क्या बढ़ेगी अटल पेंशन योजना की राशि (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Atal Pension Yojana : पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) सरकार के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा कर रही है कि अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली गारंटीड पेंशन को कैसे बेहतर बनाया जाए। फिलहाल इस योजना में सबसे अधिक 5,000 रुपये प्रति माह पेंशन की सुविधा दी जाती है। PFRDA के चेयरमैन एस रामन ने बताया कि इस मुद्दे पर अभी शुरुआती स्तर की बातचीत चल रही है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी अवधि की योजना है, जिसमें सरकार की वित्तीय जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी बदलाव पर सोच-समझकर और समय लेकर निर्णय लिया जाएगा।

सरकार की भूमिका और सावधानी

वित्तीय सेवा सचिव एम नागाराजू ने कहा कि सरकार हितधारकों और सब्सक्राइबर्स से मिलने वाले सुझावों पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस तरह की योजनाओं में सरकार की लॉन्ग टर्म वित्तीय देनदारी शामिल होती है, इसलिए हर प्रस्ताव का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। एस रामन ने भी कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। PFRDA इस विषय पर वित्तीय सेवा विभाग के साथ आगे चर्चा करेगा और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके बाद आगे का रास्ता तय किया जाएगा।

सब्सक्राइबर संख्या में तेजी से बढ़ोतरी

सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना अटल पेंशन योजना लगातार तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में इसके सब्सक्राइबर्स 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकते हैं। पिछले वित्त वर्ष में इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 7.61 करोड़ से बढ़कर 8.96 करोड़ हो गई, यानी एक साल में करीब 1.35 करोड़ नए लोग जुड़े। PFRDA के अनुसार करीब 18% की सालाना वृद्धि दर के साथ यह संख्या वित्त वर्ष 2027 तक 10 करोड़ से भी अधिक हो सकती है। यह दर्शाता है कि देश में लोगों के बीच पेंशन और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

युवाओं की भागीदारी में वृद्धि

अधिकारियों ने यह भी बताया कि 18 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं में इस योजना के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है। यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि कम उम्र में निवेश शुरू करने से भविष्य में बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सकती है। सरकार का मानना है कि यदि युवा शुरुआत से ही योजना से जुड़ते हैं तो लंबे समय में उन्हें अधिक लाभ मिलेगा।

NPS और APY का प्रदर्शन

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), जिसमें APY शामिल नहीं है, उसमें भी अच्छी वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 के अंत तक NPS के कुल सब्सक्राइबर्स 2.17 करोड़ तक पहुंच गए और इसके तहत लगभग ₹15.95 लाख करोड़ की संपत्ति प्रबंधन (AUM) दर्ज की गई। यह आंकड़े बताते हैं कि देश में पेंशन और रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

1,000 रुपये पेंशन पर चिंता

हालांकि योजना की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन एक चिंता यह भी सामने आई है कि अधिकतर सब्सक्राइबर्स केवल सबसे कम 1,000 रुपये मासिक पेंशन वाले विकल्प को चुन रहे हैं। वित्तीय सेवा सचिव नागाराजू ने इस पर चिंता जताई और बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से कहा कि वे लोगों को अधिक पेंशन विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आज जो 1,000 रुपये प्रति माह की पेंशन पर्याप्त लग सकती है, वह 20–30 साल बाद महंगाई के हिसाब से बहुत कम हो सकती है। इसलिए नामांकन के समय बेहतर मार्गदर्शन और परामर्श देना जरूरी है।

सरकार और PFRDA दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अटल पेंशन योजना को और मजबूत बनाया जाए ताकि यह भविष्य में अधिक प्रभावी सामाजिक सुरक्षा साधन बन सके। आने वाले समय में इस पर अंतिम निर्णय विस्तृत समीक्षा और रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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