बिजनेस

ADB जारी कर सकता है भारतीय रुपये में बांड, जानें ऐसा क्यों करना चाहता है

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 2, 2023, 02:52 PM IST

Asian Development Bank may issue rupee dominated bond: एडीबी की योजना पर असाकावा ने कहा कि हम विदेशी मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचने के लिये स्थानीय मुद्रा में वित्त पोषण को बढ़ावा देने को इच्छुक हैं।उन्होंने कहा कि फैसला, बाजार की स्थिति, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

Image

एशियाई विकास बैंक की बड़ी तैयारी

Asian Development Bank is planning fresh issuance of rupee dominated bond:एशियाई विकास बैंक रुपये मूल्य में बांड जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए उसकी कोशिश है कि विदेशी मुद्रा के संबंध में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचा जा सके। अगर बैंक ऐसा करता है तो भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी योजनाओं के लिए फंड की उपलब्धता आसान होगी। इस मामले में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा ने मंगलवार को कहा कि बैंक रुपये मूल्य में बॉन्ड जारी कर फंड जुटाने के विकल्प पर विचार करेगा।

मसाला बांड के लिए लिस्टेड

एडीबी की योजना पर असाकावा ने कहा कि हम विदेशी मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचने के लिये स्थानीय मुद्रा में वित्त पोषण को बढ़ावा देने को इच्छुक हैं।उन्होंने कहा कि फैसला, बाजार की स्थिति, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेगा। बैंक ने इसके पहले भी परियोजनाओं की फंडिंग को लेकर रुपये मूल्य में बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटाई है। एशियाई विकास बैंक ने जनवरी 2021 में इंडिया आईएनएक्स के वैश्विक प्रतिभूति बाजार मंच पर 300 करोड़ रुपये मूल्य के 10 साल के मसाला बॉन्ड यानी रुपये मूल्य में बॉन्ड को सूचीबद्ध कराया था।इंडिया आईएनएक्स अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार है। यह गुजरात में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र- गिफ्ट सिटी में स्थित है।

25 अरब डॉलर निवेश की मंजूरी का इंतजार

असाकावा ने एडीबी के संचालन बोर्ड की 56वीं सालाना आम बैठक की शुरूआत के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत में अगले पांच साल में 25 अरब डॉलर के निवेश को संचालन बोर्ड से मंजूरी मिलना बाकी है। इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत की आर्थिक वृद्धि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगी। इसमें श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं, जो खाद्य और ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। असाकावा ने फरवरी में अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से कहा था कि देश की तेज, समावेशी तथा हरित वृद्धि की आंकाक्षा को पूरा करने के लिये एडीबी का अगले पांच साल में 20 से 25 अरब डॉलर का लोन देने का लक्ष्य है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article