बजट पर एशिया के सबसे बड़े कपड़े बाजार के व्यापारियों ने दी प्रतिक्रिया, कही ये बात
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Feb 2, 2026, 11:03 AM IST
Asia largest textile market: एशिया का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार माने जाने वाले दिल्ली के गांधी नगर बाजार के व्यापारियों ने केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। अधिकांश का कहना है कि बजट औसत है और इससे स्थानीय बाजारों या छोटे व्यापारियों को खास लाभ नहीं होगा। बजट में बाजारों की कमजोर स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखती है अभी भी।
बजट पर गांधी नगर के व्यापारियों की मिली-जुली राय, राहत सीमित (तस्वीर-isock)
Asia largest textile market: एशिया का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार माना जाने वाला दिल्ली का गांधी नगर बाजार के व्यापारियों ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। ज्यादातर व्यापारियों का मानना है कि यह बजट औसत है और इससे स्थानीय बाजारों या छोटे व्यापारियों को कोई खास फायदा नहीं मिलने वाला। उनका कहना है कि बजट में ऐसी कोई ठोस योजना नहीं है, जो बाजारों की मौजूदा कमजोर स्थिति को सुधार सके।
बजट में कुछ नया नहीं
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक गांधी नगर मार्केट सुभाष रोड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट पिछले साल जैसा ही है और इसमें कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार, जिला स्तर या स्थानीय व्यापारियों के लिए इसमें कोई बड़ा लाभ नहीं दिखता। प्रवीण गुप्ता ने यह भी कहा कि बजट में जिन बातों पर ध्यान दिया गया है, वे आम व्यापारियों की जरुरतों से ज्यादा अलग हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार ने विदेश यात्रा करने वाले लोगों को राहत दी है। एक खास कर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन इससे स्थानीय व्यापारियों को कोई सीधा फायदा नहीं होगा।
कोविड के बाद से बाजार की हालत कमजोर
प्रवीण गुप्ता ने आगे कहा कि कोविड-19 के समय से ही बाजारों की हालत खराब बनी हुई है। बिक्री में गिरावट आई है और कई छोटे व्यापारी अब भी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए था कि वह छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजारों के लिए खास योजनाएं लाए। उनका कहना है कि अगर सरकार सच में व्यापार को बढ़ावा देना चाहती है, तो उसे कर्ज में राहत, टैक्स में छूट और बाजारों के लिए विशेष पैकेज जैसे कदम उठाने चाहिए थे।
जीएसटी को लेकर सकारात्मक राय
हालांकि सभी व्यापारी बजट से निराश नहीं हैं। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक एसोसिएशन के सदस्य और दुकानदार जितेंद्र सिंह ने बजट को लेकर थोड़ी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई उत्पादों पर जीएसटी की दरों को संतुलित रखा है, जिससे व्यापारियों को राहत मिली है। जितेंद्र सिंह का मानना है कि जीएसटी दरों में स्थिरता रहने से व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी फायदा होगा। इससे सामान की कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी और लंबे समय में बाजार में मांग बनी रहेगी।
सिर्फ टैक्स बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक गांधी नगर मार्केट सुभाष रोड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने भी बजट को साधारण बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट भी पिछले साल की तरह ही है और इसमें व्यापार को गति देने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए गए हैं। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस समय बाजार में व्यावसायिक गतिविधियां काफी सुस्त हैं। ऐसे में अगर सरकार केवल टैक्स बढ़ाने पर ध्यान देगी, तो समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कारोबार ही नहीं चलेगा, तो व्यापारी टैक्स कैसे चुकाएंगे।
कुछ फैसलों का किया स्वागत
हालांकि नरेंद्र शर्मा ने बजट के कुछ फैसलों की सराहना भी की। उन्होंने छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई को सस्ता करने के कदम को अच्छा बताया। इसके अलावा शराब और सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी को भी उन्होंने सही निर्णय कहा, क्योंकि इससे सामाजिक नुकसान कम हो सकता है।
कुल मिलाकर बजट से सीमित उम्मीदें
कुल मिलाकर गांधी नगर बाजार के व्यापारियों की राय यही है कि यह बजट न तो बहुत अच्छा है और न ही बहुत बुरा। इसे एक औसत बजट माना जा रहा है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि सरकार छोटे व्यवसायों और स्थानीय बाजारों के लिए कुछ खास कदम उठाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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