कोरोना के बाद स्थिति में हो रहा सुधार, शहरों में घटी बेरोजगारी दर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2022, 05:00 PM IST

पुरुषों के लिए बेरोजगारी दर जुलाई से सितंबर में गिरकर 9.3 फीसदी हो गई। एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 12.6 फीसदी था।

कोरोना के बाद स्थिति में हो रहा सुधार, शहरों में घटी बेरोजगारी दर

नई दिल्ली। सरकार ने बेरोजगारी (Unemployment rate) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। सांख्यिकी और प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2021 के दौरान भारत की शहरी बेरोजगारी दर (Urban Unemployment) कम होकर 9.8 फीसदी हो गई। जबकि इससे पिछली तिमाही में यह 12.6 फीसदी थी।

इस वजह से कम हुई बेरोजगारी दर
देश में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बेहतर होने की वजह से सरकार ने प्रतिबंधों में ढील दी है, जिससे बेरोजगारी दर कम हुई। कुल 5,676 शहरी ब्लॉकों का सर्वेक्षण किया गया और इसमें शहरी क्षेत्रों में 44,272 घरों और 1,71,405 व्यक्तियों को शामिल किया गया।

अप्रैल से जून 2021 में इतनी थी बेरोजगारी दर
सांख्यिकी मंत्रालय के पेरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी से मार्च 2021 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शहरी बेरोजगारी दर 9.3 फीसदी थी।

कोविड-10 की दूसरी लहर के बाद बेरोजगारी दर में गिरावट का डेटा 2020 में देखे गए उसी पैटर्न को दर्शाता है जब अर्थव्यवस्था (Economy) को कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के बाद खोला गया था।

श्रम बल भागीदारी दर में मामूली वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2021 की तीसरी तिमाही में शहरी बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई, लेकिन यह महामारी के पहले के स्तरों से काफी ऊपर रही। श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में मामूली वृद्धि हुई। यह पिछली तिमाही के 46.8 फीसदी से बढ़कर 46.9 फीसदी हो गई।

महिला बेरोजगारी दर में कमी
दूसरी लहर के पहले की तुलना में महिला बेरोजगारी दर कम थी। जुलाई-सितंबर 2021 की तिमाही में यह 11.6 फीसदी पर रही, जबकि जनवरी-मार्च 2021 की अवधि में यह 11.8 फीसदी थी।

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