कोविड काल में 11 फीसदी बढ़ी करोड़‍पतियों की संख्‍या, इन 3 शहरों में हैं सबसे अधिक 'डॉलर मिलियनरी'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2022, 09:35 PM IST

Hurun India Wealth Report: देश में कोविड काल में करोड़पति लोगों की संख्‍या में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। तीन शहरों में 'डॉलर मिलियनरी' यानी लगभग 7 करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले परिवारों की संख्‍या सबसे अधिक है।

कोविड काल में 11 फीसदी बढ़ी करोड़‍पतियों की संख्‍या, इन 3 शहरों में हैं सबसे अधिक 'डॉलर मिलियनरी'
Photo Credit: BCCL

Hurun India Wealth Report: भारत में कोरोना काल में कई लोगों ने अपना रोजगार खो दिया तो ऐसे लोग भी हैं, जिनकी संपत्ति में कई गुना इजाफा हुआ है। एक सर्वे के मुताबिक, देश में साल 2021 में तीन शहरों में करोड़पतियों की संख्‍या प्रमुखता से बढ़ी है। मुंबई इस मामले में शीर्ष पर है तो इसके बाद दिल्‍ली और कोलकाता को इस श्रेणी में रखा गया है, जहां 10 लाख डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 7 करोड़ रुपये) के नेट वर्थ वाले परिवार बड़ी संख्‍या में हैं।

यह आंकड़ा Hurun India Wealth Report 2021 का है, जिससे पता चलता है कि बीते साल देश में 'डॉलर मिलियनरी' यानी लगभग 7 करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले परिवारों की संख्‍या में 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 4.58 लाख हो गया है। इनमें भी सबसे अधिक 20,300 ऐसे परिवार मुंबई में हैं, जबकि दिल्‍ली में 17,400 और कोलकाता में 10,500 करोड़पति परिवार हैं।

और बढ़ेगी करोड़पति परिवारों की संख्‍या

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले पांच वर्षों में यानी 2026 तक यह संख्‍या और बढ़ने वाली है। अगले पांच वर्षों के दौरान ऐसे परिवारों की संख्‍या में 30 फीसदी इजाफे की बात कही गई है और करोड़पति परिवारों की संख्‍या 4.58 लाख से बढ़कर छह लाख तक हो सकती है। सर्वे के मुताबिक, 36 प्रतिशत भारतीय करोड़पति रुपये के लेनदेन में ई-वॉलेट या UPI को पसंद करते हैं। यह संख्‍या इससे पहले के साल में 18 फीसदी थी।

देश में करोड़पतियों की संख्‍या भले ही बढ़ी है, लेकिन निजी व पेशेवर जिंदगी में खुशहाली की बात करें तो इसमें गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते साल केवल 66 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपनी निजी व पेशेवर जिंदगी से खुश हैं, जबकि साल 2020 में ऐसे लोगों की संख्‍या लगभग 72 प्रतिशत थी। लगभग 70 प्रतिशत लोगों में यहां की शिक्षा व्‍यवस्‍था को लेकर असंतोष दिखा, जिन्‍होंने कहा कि वे अपने बच्‍चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजना चाहेंगे। विदेशों में उनकी पसंदीदा जगहों में अमेरिका (29 फीसदी) टॉप पर बना हुआ है तो इसके बाद ब्रिटेन (19 प्रतिशत), न्‍यूजीलैंड (12 प्रतिशत)  और जर्मनी (11 प्रतिशत) शामिल हैं।

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