कंगाली के कगार पर श्रीलंका: 1000 रुपये किलो सेब, 150 रुपये में मिल रही एक चाय की प्याली

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 5, 2022, 04:40 PM IST

Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका में हालात बद से बत्तर हैं। इमरजेंसी के बाद हालात में सुधार नहीं आया। महंगाई और करेंसी के कमजोर होने से वहां जरूरी चीजों की कीमत काफी बढ़ गई है।

कंगाली के कगार पर श्रीलंका: 1000 रुपये किलो सेब, 150 रुपये में मिल रही एक चाय की प्याली

Sri Lanka Economic Crisis: भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका (Sri Lanka) कंगाली के कगार पर पहुंच गया है। श्रीलंका में लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए सोमवार को नए मंत्रिमंडल (Sri Lanka New Cabinet) का गठन हुआ। इससे पहले रविवार को देश के सभी 26 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

आसमान छू रहे हैं फल और सब्जियों के दाम (Sri Lanka Inflation)
पड़ोसी देश में महंगाई ने आसमान छू लिया है। आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच श्रीलंका में फलों और सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। एक फल विक्रेता, फारुख ने कहा कि, '3 से 4 महीने पहले श्रीलंका में एक किलो सेब 500 रुपये पर मिल रहा, लेकिन अब इसकी कीमत 1000 रुपये प्रति किलो हो गई है। नाशपाती पहले 700 रुपये किलो बिकती थी। इसके दाम बढ़कर अब 1500 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। लोगों के पास पैसा नहीं है।'

150  रुपये में मिल रही एक चाय की प्याली
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो भारत में जो चाय लोगों को 5 या 10 रुपये में मिल जाती है, श्रीलंका में उसके दाम इससे कई ज्यादा हैं। वहां एक कप चाय 100 से 150  रुपये में मिल रही है। इतना ही नहीं, देश में पेट्रोल और डीजल भी खत्म हो गया है। अस्पतालों में लोगों को दवाएं नहीं मिल रही हैं।

मुद्रा में भारी गिरावट
मार्च में खाद्य मुद्रास्फीति 30.2 फीसदी पर आ गई। एक महीने में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा 40 फीसदी कमजोर हो गई। दरअसल श्रीलंका की टूरिज्म कमाई का अच्छा स्रोत है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से यह सेक्टर काफी प्रभावित हुआ और इससे आर्थिक संकट और भी गहरा हो गया। स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर बहुत बुरा असर पड़ा। विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से कम हो गया।

नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद ही दे दिया इस्तीफा
श्रीलंका के नए वित्त मंत्री (Sri Lanka Finance Minister) अली साबरी (Ali Sabry) ने नियुक्ति के एक दिन बाद ही मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। सोमवार को ही राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने उन्हें नियुक्त किया था। साबरी ने सलाह दी कि अभूतपूर्व संकट का सामना करने के लिए नए और सक्रिय उपाए किए जाएं।

भारत ने बढ़ाया मदद के लिए हाथ 
अभूतपूर्व आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए हाल ही में भारत ने हाथ बढ़ाया था। भारत से 40 हजार मीट्रिक टन डीजल की एक खेप शनिवार को पड़ोसी देश पहुंची थी। 

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मालूम हो कि श्रीलंका में पिछले हफ्ते एक दिन 13 घंटे तक बिजली काटी गई थी, जो साल 1996 में बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान 72 घंटों की कटौती के बाद दूसरी सबसे अधिक लंबी बिजली कटौती है।

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