PM-Kisan: पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'नव वर्ष 2022 का पहला दिन देश के अन्नदाताओं को समर्पित'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 31, 2021, 08:59 PM IST

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) 10वीं किस्त जारी की जाएगी। पीएम ने नए साल की पूर्व संध्या पर ट्वीट कहा कि नव वर्ष, 2022 का पहला दिन देश के अन्नदाताओं को समर्पित रहेगा।

PM-Kisan: पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'नव वर्ष 2022 का पहला दिन देश के अन्नदाताओं को समर्पित'

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) 10वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत वे 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के खाते में सीधे 20,000 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। पीएम ने खुद आज ट्वीट कर इसके बारे में इसके बारे में बताया।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि नव वर्ष, 2022 का पहला दिन देश के अन्नदाताओं को समर्पित रहेगा। दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम-किसान की 10वीं किस्त जारी करने का सौभाग्य मिलेगा। इसके तहत 20,000 करोड़ रुपए की राशि के ट्रांसफर से 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ होगा। 

इससे पहले पीएमओ ने एक बयान में बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री 1 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के जरिये 10वीं किस्त जारी करेंगे और साथ ही करीब 351 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए 14 करोड़ रुपए से अधिक का इक्विटी ग्रांट भी जारी करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित रहेंगे।

पीएमओ ने कहा था कि इस योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 1.6 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। पीएमओ ने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब 351 किसान उत्पादक संगठनों के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी ग्रांट भी जारी करेंगे। पीएमओ ने कहा कि इससे 1.24 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान उत्पादक संगठनों से संवाद करेंगे और फिर वह उन्हें संबोधित भी करेंगे।

पीएम-किसान योजना के तहत हर साल 6,000 रुपए की राशि को 2000 रुपए की 3 मासिक किस्तों में प्रत्येक चौथे माह किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया जाता है। मोदी ने इस योजना की औपचारिक रूप से शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक समारोह में की थी। इस योजना की शुरुआत देश भर के सभी खेतीहर किसानों के परिवारों को आय सहायता प्रदान करके किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि उनकी कृषि और संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ घरेलू व्यय की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

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