बंद पडे़ बैंक खाते से पैसों को वापस कैसे प्राप्त करें, जानें तरीका

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 5, 2022, 01:19 PM IST

कोई बैंक खाता 10 वर्षों तक निष्क्रिय रहता है, तो धन डिपॉजिटर्स एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में स्थानांतरित कर दिया जाता है।

बंद पडे़ बैंक खाते से पैसों को वापस कैसे प्राप्त करें, जानें तरीका

नई दिल्ली। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank fixed deposits), छोटी बचत योजनाएं (Small Savings Schemes), कर्मचारी भविष्य निधि (Employees Provident Fund), सार्वजनिक भविष्य निधि योजनएं (Public Provident Fund schemes), आदि कुछ लोकप्रिय बचत योजनाएं हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय अपने पैसे जमा करते हैं। हालांकि म्यूचुअल फंड (Mutual fund) और स्टॉक में निवेश बढ़ा है, लेकिन सरकार की छोटी बचत योजनाएं हमेशा लाखों निवेशकों की पसंदीदा रही हैं।

लेकिन इन योजनाओं की लंबी अवधि की प्रकृति या कोई अन्य कारण जैसे निवेशकों की मृत्यु के कारण, कभी-कभी इन बचतों को धारकों के खातों में पैसे रह जाते हैं। इन योजनाओं के फंड हाउस खाताधारकों के संपर्क करने की कोशिश करते हैं लेकिन वे ऐसा करने में असमर्थ होते हैं क्योंकि उनकी कॉन्टैक्ट डिटेल इतने सालों में बदल जाती है और वे इसे अपडेट नहीं करते हैं।

अनक्लेम्ड धन का क्या होता है?
SSC, EPF या PPF में पड़े अनक्लेम्ड धन को वरिष्ठ नागरिक वेलफेयर फंड, जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता फंड, इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) जैसे कल्याण कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है।

निष्क्रिय बैंक जमा का दावा कैसे करें? (How to claim dormant bank deposits)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, यदि कोई बैंक खाता 10 वर्षों तक निष्क्रिय रहता है, तो धन DEAF में स्थानांतरित कर दिया जाता है। यदि किसी बैंक खाते में ब्याज क्रेडिट या रखरखाव शुल्क के अलावा कोई लेनदेन नहीं है, तो इसे निष्क्रिय श्रेणी में रखा जाता है। बैंक इस बारे में ग्राहक को ईमेल या फोन के जरिए सूचित करता है।

प्रत्येक बैंक को अपनी वेबसाइट पर ऐसे निष्क्रिय खाते की जानकारी दिखाना आवश्यक है। जो लोग इस तरह के किसी भी बैंक खाते के फंड का दावा करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले बैंक की वेबसाइट पर जाकर जानकारी की तलाश करनी चाहिए। इसके बाद धन का दावा करने के लिए क्लेम फॉर्म, जमा की रसीदों और अपने केवाईसी दस्तावेजों के साथ बैंक शाखा में जाएं। अगर आप कानूनी उत्तराधिकारी या नामांकित व्यक्ति हैं, तो जमा रसीदें, पहचान प्रमाण और खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र की एक प्रति साथ रखें।

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