बिटकॉइन से लेकर ईथर तक मे ऐतिहासिक गिरावट, जानें क्रिप्टो करंसी में क्यों मचा है भूचाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2022, 06:31 PM IST

Crypto Currency Crash: नवंबर 2021 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि क्रिप्टो करंसी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ डॉलर से नीचे आया है। इस दौरान दुनिया की सभी प्रमुख क्रिप्टो करंसी औंधे मुंह गिरी है।

बिटकॉइन से लेकर ईथर तक मे ऐतिहासिक गिरावट, जानें क्रिप्टो करंसी में क्यों मचा है भूचाल

Crypto Currency Crash: दुनिया भर की क्रिप्टो करंसी (Crypto Currency) में भारी गिरावट का दौर जारी है। पिछले 8 महीने में क्रिप्टो करंसी का मार्केट 2.79 लाख करोड़ डॉलर से गिरकर 90 हजार करोड़ डॉलर पर आ गया है। और नवंबर 2021 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि क्रिप्टो करंसी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ डॉलर से नीचे आया है। इस दौरान दुनिया की सभी प्रमुख क्रिप्टो करंसी औंधे मुंह गिरी है। और निवेशकों को मार्केट कैप (Cypto Currencey Market Cap) के आधार पर करीब 1.89 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान केवल आठ महीने में हो चुका है। हालात यह हो गए हैं कि क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनैन्स के फाउंडर चांगपेंग को झाओ ने यह ऐलान कर दिया है कि 'मैं फिर से गरीब हो गया ।' 

रिकॉर्ड गिरावट पर सभी क्रिप्टो करंसी

coingecko डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार इस समय बिट क्वाइन, ईथर से लेकर सभी प्रमुख क्रिप्टो करंसी अपने उच्चतम स्तर से भारी गिरावट के स्तर  पर हैं। 21 जून को बिटकॉइन अपने उच्चतम स्तर से 69.22 फीसदी गिर चुका है, वहीं ईथर में 76.23 फीसदी तक गिरावट आ चुकी है। और सबसे ज्यादा झटका टेरा और उसकी सिस्टर करेंसी लूना के निवेशकों को लगा है। इन दोनों में इतनी गिरावट आई कि क्रिप्टों एक्सचेंजों ने उन्हें डिलिस्ट कर दिया। लूना लगभग 99.9 फीसदी टूट चुकी है। मई महीने में लूना में आई इस गिरावट के बाद से ही क्रिप्टो बाजार में गिरावट का दौर शुरू हुआ।

प्रमुख क्रिप्टो करंसी में उच्चतम स्तर से  कितनी गिरावट

Crypto Currency movement and fall


क्यों हुई भारी गिरावट

क्रिप्टो बाजार में गिरावट की ट्रिगर लूना बनी है। मई महीने में प्रमोटर्स की लाख कोशिशों के बावजूद क्रिप्टोकरंसी में सख्ती का खौफ, लूना के निवेशकों पर हावी रहा। और स्टेबल कही जाने वाली करंसी 99.9 फीसदी टूट गई। और इसका असर दूसरी क्रिप्टो करंसी पर भी दिखने लगा।

इसके अलावा Coindesk की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों से महंगाई का दबाव क्रिप्टो करंसी पर बना हुआ था। जिसकी वजह से भी कीमतों में गिरावट आई है। इस बीच अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा महंगाई को कम करने के लिए ऐतिहासिक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई है। फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में 1990 के बाद की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी करते हुए दरों में 0.75 फीसदी  की बढ़ोतरी कर दी है। इस खबर के आने बाद शेयर बाजार के साथ-साथ क्रिप्टो बाजार में भारी गिरावट देखी गई। क्योंकि निवेशकों ने शेयर बाजार और क्रिप्टो बाजार से पैसे निकालने शुरू कर दिए, उसका असर दुनिया भर की क्रिप्टो करंसी पर दिखने लगा है।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 13 जून को Celsius Network जो दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो कर्जदाताओं में से एक है। उसने अपने सभी ऑपरेशन को बंद करने का ऐलान कर दिया। कंपनी  17 लाख ग्राहकों के 12 अरब डॉलर के क्रिप्टो एसेट को मैनेज कर रही थी। इस बड़े ऐलान के बाद दुनिया भर के क्रिप्टो निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी। उसका भी असर क्रिप्टो करंसी पर हुआ है।

End of Article