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Apple के लिए भारत बना मुनाफे का बाजार, कंपनी ने पहली बार किया ये काम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 9, 2023, 12:41 PM IST

Apple Planning Big for Indian Market: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार एप्पल ने भारतीय बाजार को देखते हुए ग्लोबल बिजनेस को संभालने वाले मैनेजमेंट में कई अहम बदलाव किए हैं। इसी के तहत भारत ऐपल कंपनी के लिए एक अलग ‘सेल रीजन’ बन गया है।

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भारत के लिए एप्पल ने बदली रणनीति

Apple Planning Big for Indian Market: भारत में आईफोन (iphone) की बढ़ती सेल को देखते हुए Apple ने नई रणनीति पर फोकस कर दिया है। कंपनी ने भारत को अलग ‘सेल रीजन’ में तब्दील कर दिया है। इसके तहत भारत में बिजनेस बढ़ाने के लिहाज से कंपनी ने मैनेजमेंट में कई अहम बदलाव किए हैं। कंपनी ने पिछली तिमाही में उस समय भारत में रिकॉर्ड राजस्व की कमाई की है, जब उसकी कुल बिक्री में 5 फीसदी की गिरावट आई है। साफ है नई रणनीति के जरिए कंपनी भारतीय बाजार में बड़ी सेंध लगाने की तैयारी में हैं। इसके पहले, ऐसी खबरें भी आई हैं कि एप्पल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर iPhone बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी Foxconn ,बेंगलुरू में 70 करोड़ डॉलर की लागत से नया प्लांट लगा सकती है। भारतीय बाजार को लेकर अहम बदलाव करते हुए पिछले साल एप्पल ने भारत में iphone 14 की असेंबली शुरू की थी।

क्या है प्लानिंग

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने भारतीय बाजार को देखते हुए ग्लोबल बिजनेस को संभालने वाले मैनेजमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं। इसी के तहत भारत ऐपल कंपनी के लिए एक अलग ‘सेल रीजन’ बन गया है। कंपनी के इस फैसले से टेक क्षेत्र में भारत की एशिया के देशों के बीच में अलग पहचान बनेगी। इस बारें मे जानकारी देने वाले लोगों ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर ब्लूमबर्ग को के साथ ये जानकारी साझा की है। हालांकि ग्लोबल मैनेजमेंट में इस बदलाव पर एप्पल ने अभी तक कोई ऑधिकारिक घोषण नहीं की है।

चीन जैसा ही विकसित हो रहा है भारतीय बाजार

कुछ समय पहले कंपनी के सीईओ टिम कुक ने भारतीय बाजार पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमने वर्षों पहले चीन में जो कुछ सीखा था, उसी को ध्यान में रख रहे हैं। और भारतीय बाजार इस समय उस दौर के शुरूआती वर्ष में है। Apple के लिए चीन लगभग 75 अरब डॉलर के प्रोडक्ट का उत्पादन करता है। और अमेरिका,यूरोप के बाद कंपनी का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है।

भारत में लागत कम

भारत में Foxconn ने साल 2017 में असेंबली लाइन शुरू की थी। लेकिन 2022 से पहले तक वह भारत में पुराने जेनरेशन के ही iPhone मॉडल को असेंबल करती थी। लेकिन 2022 में एक बड़ा बदलाव आया और कंपनी लेटेस्ट iPhone 14 को भी असेंबल करना शुरू किया। इससे चीन और भारत के बीच लागत का अंतर कम हो गया। इसके अलावा चीन की तुलना में भारत में लागत कम होने का फायदा भी एप्पल को मिल सकता है।

इस समय Apple के तीन पार्टनर, फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन मौजूदा समय में भारत में iPhone SE, iPhone 12, iPhone 13 और अब iPhone 14 को असेंबल करते हैं। Apple ने पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक भारत से 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा के iPhones का एक्सपोर्ट किया है

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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