Go First Insolvency : इंडियन एविएशन रेगुलेटर नागर विमानन महानिदेशालय .या डीजीसीए (DGCA) ने सोमवार को वाडिया ग्रुप (Wadia Group) की फाइनेंशियल संकट झेल रही एयरलाइन गो फर्स्ट (Go First) को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ये नोटिस एयरलाइन की तरफ से अचानक फ्लाइट्स कैंसल करने और IBC के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (Insolvency Resolution Process) शुरू होने के बाद जारी किया गया है।
टिकटों की बिक्री पर भी रोक
कारण बताओ नोटिस जारी करने के अलवाा Go First को अगले नोटिस तक टिकटों की बिक्री रोकने के लिए भी कहा गया है। एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर अपना जवाब देना होगा। इसके अलावा एयरलाइन जो जवाब देगी, उसके आधार पर इसके एयर ऑपरेटर्स सर्टिफिकेट (AOC) को जारी रखने पर फैसला लिया जाएगा।
दिवालिया होने के लिए किया था अप्लाई
गो फर्स्ट ने सोमवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल या एनसीएलटी (NCLT) से अपनी दिवालिया प्रोसेस पर जल्दी फैसला लेने की गुजारिश की। इसने कहा कि लीज पर एयरक्राफ्ट देने वाली कंपनियों ने इसके एयरक्राफ्ट का रजिस्ट्रेशन कैंसल करना शुरू कर दिया है।
इसने पिछले मंगलवार को एनसीएलटी के सामने दिवालिया होने के लिए अप्लाई किया था और 15 मई तक टिकट की बिक्री सस्पेंड कर दी थी।
एनसीएलटी ने फैसला रखा सुरक्षित
एनसीएलटी ने 4 मई को गो फर्स्ट की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था। गो फर्स्ट 17 से अधिक साल पुरानी एयरलाइन है।
वाडिया ग्रुप की कंपनी के दिवालिया प्रोसेस के लिए अप्लाई करने के बाद पट्टेदार (लीज पर एयरक्राफ्ट देने वाली कंपनियाँ) 20 से अधिक विमानों का रजिस्ट्रेशन रद्द करना चाहते हैं। उन्होंने डीजीसीए से संपर्क भी किया है।
कई बैंकों का है कर्ज
गो फर्स्ट ने दिवालिया होने के लिए जो आवेदन किया था, उसमें बताया था कि ये 30 अप्रैल तक, 6521 करोड़ रु में से किसी भी बकाये पर नहीं चूकी।
गो फर्स्ट के फाइनेंशियल क्रेडिटर्स में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड (CBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) लिमिटेड, एक्सिस बैंक (Axis Bank) लिमिटेड और ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) शामिल हैं।
