अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड ने जर्मनी की डसेलडोर्फ स्थित Rheinmetall AG के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है, जिसके तहत महाराष्ट्र में एक नई ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। यह साझेदारी गोला-बारूद के क्षेत्र में है और कंपनी की फ्रांस की Dassault Aviation और Thales Group के साथ पिछली दो सफल साझेदारियों के बाद तीसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है।
यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड सुविधा महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के वटाड इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगी। इस प्लांट में हर साल 2 लाख आर्टिलरी शेल, 10,000 टन विस्फोटक और 2,000 टन प्रोपेलेंट्स के उत्पादन की क्षमता होगी। यह परियोजना दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी निजी रक्षा निर्माण इकाई बनने जा रही है।
यह रणनीतिक सहयोग भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह साझेदारी भारत को दुनिया के अग्रणी रक्षा निर्यातकों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
रिलायंस डिफेंस का लक्ष्य: ₹50,000 करोड़ रक्षा निर्यात
रिलायंस डिफेंस और Rheinmetall AG की यह भागीदारी केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि संयुक्त रूप से वैश्विक बाजारों में विपणन (मार्केटिंग) गतिविधियों में भी सहयोग करेगी। इस परियोजना के माध्यम से भारत की सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत कदम उठाया जाएगा।
धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (DADC) का हिस्सा होगी यह परियोजना
यह नई परियोजना धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (DADC) का हिस्सा होगी, जो रत्नागिरी में विकसित की जा रही है। यह भारत के निजी क्षेत्र द्वारा विकसित की जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी रक्षा परियोजना होगी, जो न केवल घरेलू सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी।
