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Anil Ambani Bank Fraud Case: कैसे हुआ अनिल अंबानी का बैंक अकाउंट फ्रॉड? हाई कोर्ट ने यूनियन बैंक और RBI पर उठाए कड़े सवाल

Anil Ambani bank fraud case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने बैंकों द्वारा खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उद्योगपति अनिल अंबानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बैंकों को चेतावनी दी कि वे ऑडिट रिपोर्ट को सिर्फ कॉपी-पेस्ट करके निर्णय न लें, बल्कि नियमों का सही से पालन करें।

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अनिल अंबानी के खिलाफ बैंक फ्रॉड का मामला, हाई कोर्ट ने RBI और UBI से मांगा जवाब।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • हाई कोर्ट का सवाल: बैंक बिना सोच-विचार के खातों को फ्रॉड क्यों घोषित कर रहे हैं?
  • RBI का बयान: शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध, लेकिन जागरूकता की कमी।
  • अगली सुनवाई: यूनियन बैंक को 1 हफ्ते में जवाब देना होगा, 13 मार्च को होगी सुनवाई।

Anil Ambani bank fraud case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बैंकों द्वारा खातों को डिफॉल्टर या फ्रॉड घोषित करने के लापरवाह रवैये पर चिंता जताई। हाई कोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नोटिस जारी किया। यह नोटिस बिजनेसमैन अनिल अंबानी की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने 10 अक्टूबर 2024 को UBI द्वारा उनके ऋण खाते को धोखाधड़ी घोषित करने के फैसले को चुनौती दी थी। यह खाता रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा हुआ था और इसे RBI के मास्टर सर्कुलर के तहत फ्रॉड घोषित किया गया था। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और अंबानी को अपनी शिकायत लेकर RBI के पास जाने का निर्देश दिया।

बैंकों की नीतियों पर सवाल

पीठ ने कहा, "हमने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां बैंक समिति केवल ऑडिटर की रिपोर्ट को कॉपी-पेस्ट कर देती है। बैंक समिति को अपना स्वतंत्र दिमाग लगाना चाहिए। मास्टर सर्कुलर के बावजूद बैंक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। बैंक सार्वजनिक धन के साथ लापरवाही नहीं कर सकते। यदि RBI कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा, तो यह सिलसिला चलता रहेगा।"

RBI की दलील

RBI का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने कहा कि RBI के पास पहले से ही शिकायत निवारण प्रणाली मौजूद है, जहां कोई भी असंतुष्ट व्यक्ति ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, "RBI को कोई यह बताने नहीं आता कि किसी उधारकर्ता को बैंक के फैसले से परेशानी हो रही है। हमारे पास एक अलग निगरानी विभाग है, जो ऐसी शिकायतों की जांच कर सकता है। यदि नियम का उल्लंघन हुआ है, तो हम परामर्श जारी करते हैं। हालांकि, हम किसी मामले के मेरिट पर निर्णय नहीं लेते, बल्कि यह देखते हैं कि सभी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किया गया है या नहीं।"RBI ने यह भी कहा कि वह अपनी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) को अपडेट करेगा, ताकि इस शिकायत प्रक्रिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) को एक सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।

PTI इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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