Paradip IFFCO Sulphuric Acid Plant: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) आज शुक्रवार (06 मार्च 2026) को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पारादीप में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड यानी IFFCO के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे भुवनेश्वर में सहकारिता और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। अपने दौरे की शुरुआत में अमित शाह पारादीप जाएंगे। यहां IFFCO केंद्र में लगाए गए तीसरे सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट (एसएपी-3) को औपचारिक रूप से देश को समर्पित करेंगे। यह संयंत्र उर्वरक उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और इससे उर्वरक उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके जरिए कृषि क्षेत्र को भी फायदा होगा क्योंकि उर्वरक उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
भुवनेश्वर में कई योजनाओं और कार्यक्रमों की शुरुआत
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक पारादीप के कार्यक्रम के बाद अमित शाह भुवनेश्वर जाएंगे। यहां आईडीसीओ एग्जिबिशन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में वे कई योजनाओं और पहलों की शुरुआत करेंगे। इस दौरान ओडिशा की नई प्रदेश सहकारिता नीति भी जारी की जाएगी। इसके अलावा त्रिभुवन कोऑपरेटिव यूनिवर्सिटी के तहत एक नए स्कूल की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में भी वे शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम में बडम्बा शुगर इंडस्ट्रीज को दोबारा शुरू करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में सहकारी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
पैक्स और लैम्प्स के साझा सेवा केंद्र समर्पित
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और वृहद आकार कृषि बहुद्देशीय समितियों (LAMPS) द्वारा संचालित 1,567 साझा सेवा केंद्र भी देश को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही 141 पैक्स के लिए जरूरत के अनुसार तैयार किए गए बुनियादी ढांचे का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन भी करेंगे। इन केंद्रों के जरिए ग्रामीण इलाकों में किसानों और आम लोगों को कई सरकारी और डिजिटल सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। इससे सहकारिता संस्थाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा
डिजिटल क्षेत्र में भी कई नई शुरुआत की जाएगी। अमित शाह आरसीएस ऑफिस पोर्टल, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड का डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर पोर्टल और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड का ‘कूप मार्क’ लॉन्च करेंगे। इसके अलावा ‘साविद्या’ नाम का एआई आधारित बहुभाषी शिक्षण प्लेटफॉर्म भी शुरू किया जाएगा। डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए National Dairy Development Board के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तहत एक ट्रेनिंग और प्रदर्शनी केंद्र को उन्नत किया जाएगा। साथ ही दो दूध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
हजारों करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
इस दौरे के दौरान कुल 69 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जिनकी लागत करीब 1,159.03 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 2,116.06 करोड़ रुपये की लागत वाली 130 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि ये सभी पहल सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की जा रही हैं।
सहकार से समृद्धि पहल को मिलेगा बढ़ावा
ये कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ पहल का हिस्सा हैं। इस पहल का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और किसानों, ग्रामीण समुदायों तथा छोटे उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
