Time Now Summit 2026: ईरान संकट के बीच भारत की ऊर्जा स्थिति को लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा जताया है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत ने समय रहते अपनी ऊर्जा सप्लाई का डायवर्सिफिकेशन किया है, जिसके चलते अब कई देशों से तेल और गैस आयात किए जा रहे हैं और स्थिति मजबूत बनी हुई है। टाइम्स नाउ समिट 2026 पर टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में संचार मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने ये बातें कहीं।
भारत की स्थिति दुनिया के कई अमीरों देशों से बेहतर
वैष्णव के अनुसार, मौजूदा हालात में भारत की सप्लाई कई विकसित देशों से भी बेहतर है। होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावट के बावजूद देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है, जो भारत की रणनीति की सफलता को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अगर वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा। लेकिन भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों की बेहतर बैलेंस शीट और जीडीपी के मुकाबले कम कर्ज का स्तर इसे अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखता है।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में लंबी छलांग
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में देश ने तेज रफ्तार से प्रगति की है, जहां उत्पादन में करीब छह गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो लगभग आठ गुना तक बढ़ चुका है। आज भारत वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन निर्यात के मामले में अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है, जो मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट दोनों क्षेत्रों में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। भारत अब केवल फाइनल प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही देश वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है। आज दुनिया भारत पर भरोसा जता रही है, जो इसकी मजबूत नीतियों और स्थिर अर्थव्यवस्था का संकेत है।
चिप मैन्युफैक्चरिंग में होंगे आत्मनिर्भर
भारत चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री पहले ही एक चिप निर्माण यूनिट का उद्घाटन कर चुके हैं, जबकि 31 मार्च को दूसरी यूनिट लॉन्च होने वाली है। जून से देश में चिप उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
