Akasa Air & Its Pilot Dispute: अकासा एयर (Akasa Air) को बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि जो पायलट बिना नोटिस पीरिएड पूरा किए कंपनी छोड़ कर चले गए उनके खिलाफ अकासा एयर मुकदमा कर सकती है। दरअसल इन पायलटों से अकासा एयर ने नोटिस पीरियड न पूरा करने पर हर्जाना मांगा है। अकासा ने कुछ पायलटों का इस्तीफा स्वीकार भी किया है। मगर ऐसा इसने कुछ शर्तों के साथ किया है। इसलिए जस्टिस एसएम ने कहा कि इस मामले में कुछ कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है।
कितना मांगा हर्जाना
नोटिस पीरिएड पूरा न करने के लिए अकासा एयर ने 6 पायलटों से 21-21 करोड़ रु मांगे हैं। वहीं एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के लिए अकासा एयर ने 18 लाख रुपये मांगे हैं। कोर्ट ने अकासा एयर की लीव पिटीशन स्वीकार कर ली है। साथ ही, एयरलाइन ने पायलटों को उनकी नोटिस अवधि पूरी करने का निर्देश देने के लिए अंतरिम राहत की भी मांग की, जिस पर 4 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
क्या है कंपनी की दलील
कंपनी, एसएनवी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, जो अकासा एयर को ऑपरेट करती है, ने तर्क दिया था कि इन पायलटों ने अनिवार्य छह महीने का नोटिस पीरियड सर्व किए बिना अचानक कंपनी छोड़ दी।
कंपनी इन पायलटों को कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन के लिए 18 लाख रुपये और उड़ान रद्द होने, रिश्ड्यूलिंग और ग्राउंडिंग के कारण एयरलाइन की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए 21 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश देने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी।
