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Mutual Funds में SIP से मिलेगा बंपर रिटर्न, इन बातों का रखें बस खास ख्याल

SIP Investment Guide: अगर आप भी एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो केवल एसआईपी शुरू करना काफी नहीं होगा। एसआईपी से बंपर रिटर्न मिले इसके लिए कुछ जरूरी बातों का भी ख्याल रखना होगा।

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एसआईपी से मिलेग बंपर रिटर्न, बस इन बातों का रखें ध्यान (Photo: iStock)

SIP Investment Guide: लंबे समय में एक मोटा फंड बनाने के लिए म्यूचुअल फंड में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश एक अच्छा तरीका माना जाता है। इसमें हर महीने या तय अंतराल पर एक निश्चित रकम निवेश की जाती है। हालांकि केवल SIP शुरू कर देना ही काफी नहीं है। सही रणनीति और अनुशासन के साथ SIP को लंबे समय तक जारी रखना भी जरूरी है। कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप अपने SIP निवेश को अपने वित्तीय लक्ष्यों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ सकते हैं-

जल्दी शुरू करें निवेश

SIP जितनी जल्दी शुरू की जाए, निवेश को बढ़ने के लिए उतना ज्यादा समय मिलता है। लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है। साथ ही, नियमित निवेश से बाजार के अलग-अलग स्तरों पर यूनिट खरीदने का मौका मिलता है। बाजार नीचे होने पर एक ही रकम में ज्यादा यूनिट और बाजार ऊपर होने पर कम यूनिट मिलती हैं। इसे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहा जाता है।

SIP को लक्ष्य से जोड़ें

SIP शुरू करने से पहले यह तय करें कि निवेश किस उद्देश्य के लिए है। जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदना या छुट्टियों के लिए फंड तैयार करना। अलग-अलग लक्ष्यों के लिए अलग SIP रखने से निवेश की रकम, अवधि और फंड कैटेगरी तय करना आसान हो सकता है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी निवेश के उद्देश्य पर ध्यान बनाए रखने में मदद मिलती है।

Step-Up SIP का विकल्प अपनाएं

समय के साथ आमदनी बढ़ती है तो निवेश की रकम भी बढ़ाई जा सकती है। Step-Up SIP में हर साल एक तय रकम या प्रतिशत के हिसाब से SIP बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए 10,000 रुपये की मासिक SIP में हर साल 10% की बढ़ोतरी की जाए तो समय के साथ निवेश की रकम भी बढ़ती जाएगी। इससे बढ़ती आय और भविष्य की जरूरतों के साथ निवेश को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

आय के हिसाब से SIP की फ्रीक्वेंसी चुनें

SIP साप्ताहिक, मासिक या तिमाही आधार पर की जा सकती है। नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए मासिक SIP सुविधाजनक हो सकती है, जबकि अनियमित आय वाले निवेशक तिमाही विकल्प पर विचार कर सकते हैं। आखिर में फ्रीक्वेंसी से ज्यादा जरूरी नियमितता है।

बाजार गिरने पर SIP बंद न करें

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है। बाजार गिरने पर SIP जारी रहने से तय रकम में ज्यादा यूनिट खरीदने का मौका मिलता है। इसलिए केवल बाजार में गिरावट देखकर SIP रोकना लंबे समय के निवेश अनुशासन को प्रभावित कर सकता है।

फंड कैटेगरी में डायवर्सिटी रखें

पूरे निवेश को सिर्फ एक तरह के म्यूचुअल फंड में रखने के बजाय लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी पर विचार किया जा सकता है। लंबी अवधि के लिए Equity SIP, स्टेबिलिटी के लिए Debt SIP, बैलेंस के लिए Hybrid SIP और पोर्टफोलियो में विविधता के लिए Gold से जुड़े विकल्प देखे जा सकते हैं।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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