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Air India VRS:एयर इंडिया ग्राउंड स्टॉफ के लिए लाई VRS,500-600 कर्मचारियों की नौकरी पर असर

Air India VRS: एयर इंडिया और विस्तारा में करीब 18000 कर्मचारी काम करते हैं। वीआरएस और वीएसएस स्कीम से 500-600 कर्मचारियों की नौकरियां जाने का खतरा है। दोनों कंपनियां इस साल के अंत तक विलय प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद कर रही हैं।

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एयर इंडिय वीआरएस

Air India VRS:एयर इंडिया (Air India) ने उड़ान सेवा के अलावा अन्य कार्यों से जुड़े कम से कम पांच साल तक की सेवा वाले स्थायी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) पेश की है।इसके अलावा कंपनी के साथ पांच साल से कम समय से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक पृथक्करण योजना (VSS) लाई गई है। विस्तारा (Vistara) के साथ विलय से पहले यह कदम उठाया गया है। दोनों एयरलाइन्स में करीब 18 हजार कर्मचारी काम करते हैं। और वीआरएस, वीएसएस स्कीम के जरिए करीब 500 से 600 कर्मचारी पर असर होगा। यानी विलय का इन पर सीधा असर होगा।

क्या है ऑफर

सूत्रों ने कहा कि वीआरएस योजना उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने कंपनी में पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। वहीं स्वैच्छिक पृथक्करण योजना की पेशकश एयरलाइन में पांच साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए की गई है।एयर इंडिया ने इन योजनाओं की पुष्टि की है। हालांकि, इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। दोनों योजनाएं बुधवार से शुरू कर दी गई है। संबंधित कर्मचारियों को वीआरएस/वीएसएस के लिए आवेदन करने के लिए एक महीने का समय दिया गया।ढाई साल पहले कंपनी के निजीकरण के बाद से यह तीसरा मौका है जबकि एयर इंडिया अपने स्थायी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लेकर आई है।टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी।

कब होगा विलय

टाटा ग्रुप (Tata Group) और सिंगापुर एयरलाइन्स (Singapore Airlines) की ज्वॉइंट वेंचर विस्तारा एयरलाइन्स का इस साल एयर इंडिया में विलय हो जाएगा। ऐसे में बड़े पैमाने पर ग्राउंड स्टॉफ की जरुरत नहीं रह जाएगी। जिसे देखते हुए ग्राउंड स्टाफ को वीआरएस दिया जा रहा है। इसके अलावा एयर इंडिया की सब्सिडियरी AIX कनेक्ट और एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी विलय हो रहा है। दोनों मिलकर एक बड़ी बजट एयरलाइन बनेगी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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