Air India Aircraft Technicians Strike : विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयर इंडिया लिमिटेड की मुसीबतें बढ़ने जा रही हैं। क्योंकि विमान टेकनीशियन इस महीने के अंत में हड़ताल की योजना बना रहे हैं। इससे पहले इनके पायलट अधिक काम लेने और कम वेतन दिए जाने की वजह से गुस्से में है। इसको लेकर पिछले सप्ताह रोष भी व्यक्त किया था। इकॉनोमिक्स टाइम्स के मुताबिक एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के टेकनीशियन मेंटेनेंस, मरम्मत और ओवरहॉल फर्म व पहले वाली एयर इंडिया यूनिट अपने कल्याण और प्रोफेशनल ग्रोथ को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों की वजह से 23 अप्रैल को हड़ताल करेंगे। अखिल भारतीय विमान मेंटेनेंस इंजीनियरिंग यूनियन ने 8 अप्रैल को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर ये बात कही। दूसरी ओर एयर इंडिया के प्रतिनिधि ने कहा कि स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।
प्रभावित हो सकती हैं हवाई यात्रा
विमानन कर्मियों के नाराजगी और उनकी मांगों की वजह से भारत की हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है। इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा द्वारा संयुक्त रूप से 1100 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए जाने के बाद देश के तेजी से बेड़े के विस्तार का सपोर्ट करने के लिए पायलट और विमान इंजीनियर महत्वपूर्ण हैं।
विस्तारा को लेकर पहले से ही परेशानी में है एयर इंडिया
एयर इंडिया कर्मियों की हड़ताल से भारत के विमानन उद्योग को और अधिक परेशानी होगी। जिसमें एयर इंडिया के मालिक टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के ज्वाइंट वेंचर वाले विस्तारा के कुछ पायलटों के थकान और वेतन में कटौती की वजह से सामूहिक रूप से छुट्टी पर जाने के बाद पिछले हफ्ते सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरलाइन अधिक केंसिलेशन को रोकने के लिए अपने रोस्टर में एक बफर बनाने के लिए प्रतिदिन 25 से 30 उड़ानों में कटौती कर रही है।
इसलिए नाराज हैं एयर इंडिया के कर्मचारी
सीईओ को लिखे पत्र के मुताबिक एयर इंडिया के कर्मचारी करियर में उन्नति के अवसरों की कमी से परेशान हैं क्योंकि उन्हें पिछले सात वर्षों में पदोन्नत नहीं किया गया है। प्रबंधन ने उन तकनीशियनों के लिए संशोधित वेतन संरचना का वादा किया था, जिन्होंने कंपनी के साथ कम से कम दो साल तक काम किया है लेकिन इसका पालन नहीं किया है। पत्र में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, जो कंपनी के वर्कफोर्स का 75% हिस्सा हैं। वे भेदभाव महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें लंबे समय तक नोटिस देना पड़ता है और उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ नहीं दिए जाते हैं।
एयर इंडिया ने दी ये सफाई
एयर इंडिया इंजीनियरिंग के एक प्रतिनिधि ने कहा कि मैनेजमेंट ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए यूनियन के साथ चर्चा शुरू कर दी है। एयर इंडिया इंजीनियरिंग ने टेकनीशियनों को छोड़कर सभी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन किया है क्योंकि अदालत में मामला पेंडिंग है। यूनियन द्वारा अदालती मामला वापस लेने के बाद कंपनी टेकनीशियनों के वेतन में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिसमें उसने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और स्थायी कर्मचारियों के लिए समान वेतन का अनुरोध किया था।
एयर इंडिया मैनेजमेंट से मुद्दों को हल करने का आग्रह
इस बीच, एयर इंडिया के पायलटों ने विस्तारा के कर्मचारियों की चिंताओं को दोहराते हुए कहा है कि टाटा के विमानन साम्राज्य में कम वेतन और अधिक काम लेने की समस्या सिस्टमेटिक है। पत्र में कहा गया है कि विमान टेकनीशियनों ने हड़ताल से संभावित व्यवधानों से बचने के लिए मैनेजमेंट से मुद्दों को हल करने का आग्रह किया है।
