Paytm Payments Bank Crisis: फरवरी में पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI ने कार्रवाई करते हुए कई पाबंदियां लगाई थीं। उसके बाद से पेटीएम पेमेंट्स बैंक और इसकी पैरेंट पेटीएम (Paytm) के कई हाई प्रोफाइल ऑफिशियल इस्तीफा दे चुके हैं। 4 मई को पेटीएम की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इसके सीओओ (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) और प्रेसिडेंट भावेश गुप्ता ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 मई से प्रभावी होगा। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है और सलाहकार के तौर पर कंपनी को सपोर्ट जारी रखने का इरादा जाहिर किया है। गुप्ता से पहले भी कई लोग पेटीएम पेमेंट्स बैंक और पेटीएम से इस्तीफा दे चुके हैं।
ये भी पढ़ें -
एमडी और सीईओ का इस्तीफा
पिछले महीने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के एमडी और सीईओ सुरिंदर चावला ने भी व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी ने कहा था कि उनका इस्तीफा 26 जून से प्रभावी होगा। तब चावला के किसी संभावित उत्तराधिकारी का नाम नहीं बताया गया था।

Paytm में लगी इस्तीफों की झड़ी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के सीईओ का इस्तीफा
पेटीएम को सबसे बड़ा झटका तब लगा था, जब फरवरी में पेटीएम पेमेंट्स बैंक के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने नॉन-एग्जेक्यूटिव चेयरमैन और बोर्ड मेंबर के पद से इस्तीफा दे दिया था। विजय शेखर शर्मा ही पेटीएम के फाउंडर भी हैं। शर्मा की पेटीएम पेमेंट्स बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ आरबीआई की कार्रवाई
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड में बदलाव
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड का 5 पांच स्वतंत्र निदेशकों के साथ पुनर्गठन किया गया है। इसके बोर्ड में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन श्रीनिवासन श्रीधर, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी देबेंद्रनाथ सारंगी, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर अशोक कुमार गर्ग और रिटायर्ड आईएएस रजनी सेखरी सिब्बल को बोर्ड में शामिल किया है।
जनवरी में हुई थी कार्रवाई
ऑपरेशन में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद जनवरी में RBI ने एक आदेश जारी कर कहा था कि 29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक की सर्विसेज रोक दी जाएंगी। यानी नया डिपॉजिट स्वीकार नहीं होगा और ग्राहक खातों, वॉलेट, FASTag, एनसीएमसी कार्ड में क्रेडिट लेन-देन या टॉपअप नहीं कर पाएंगे।
इसे शुरुआत में बेसिक बैंकिंग सर्विसेज रोकने के लिए फरवरी के अंत तक का समय दिया गया था, लेकिन बाद में इस समय सीमा को 15 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

शर्मा की पेटीएम पेमेंट्स बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी
घटी कस्टमर्स की संख्या
पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने मार्च में प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट बिजनेस में 74 लाख फंड ट्रांसफर ट्रांजेक्शन दर्ज की, जो दिसंबर 2023 में रही 2.07 करोड़ ट्रांजेक्शन से 64% कम है। सामानों और सेवाओं के लिए वॉलेट के इस्तेमाल के मामले में लेनदेन 24.7 करोड़ से घटकर 6.6 करोड़ रह गई।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के वॉलेट सितंबर 2023 में 60.7 करोड़ थे, जो मार्च 2024 में घटकर 59.7 करोड़ रह गए। वहीं इस दौरान अमेजन पे के वॉलेट 6.4 करोड़ से बढ़कर 6.6 करोड़, मोबिक्विक के 13.1 करोड़ से बढ़कर 13.5 करोड़, फोनपे के 15.2 करोड़ से बढ़कर 19.4 करोड़ और स्लाइस के 1.3 लाख से बढ़कर 20 लाख से अधिक हो गए।
