Rupee vs Dollar Today: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार 9 दिनों की भारी गिरावट के बाद आखिरकार भारतीय रुपये ने आज शानदार रिकवरी दिखाई है। रुपया बृहस्पतिवार को अपने सर्वकालिक निचले भाव से 84 पैसे चढ़कर 96.28 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ वार्ता के अंतिम चरण में पहुंचने के संकेत देने के बाद निवेशकों की धारणाओं को थोड़ा बल मिला है। करेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि निवेशक अब भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने या कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका के मद्देनजर भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।
बुधवार को सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था
Rupee बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 96.86 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 96.95 प्रति डॉलर तक भी टूट गया था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.18 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 अंक पर जबकि निफ्टी 111.75 अंक की बढ़त के साथ 23,772.05 अंक पर पहुंच गया।
कच्चे तेल में नरमी
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105.77 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
रुपये में उछाल के पीछे 3 बड़े कारण
ईरान संकट खत्म होने के संकेत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संकेत मिले हैं कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच रही है। इस युद्ध खत्म होने और भू-राजनीतिक तनाव के घटने की उम्मीद से बाजार ने राहत की सांस ली है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: पिछले कुछ दिनों से ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के पास बना हुआ था, जो आज टूटकर $105.77 पर आ गया। कच्चे तेल का सस्ता होना रुपये के लिए संजीवनी जैसा है।
घरेलू शेयर बाजार में उछाल: आज भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी है। इस तेजी से विदेशी निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा। इसका असर रुपये पर हुआ है।
