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कौन है ये कंपनी, जिसे अडानी के लिए देना पड़ा जवाब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 8, 2023, 03:07 PM IST

Adani Group and Rahul Gandhi Allegation on PM Narendra Modi: राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में जीवीके ग्रुप पर दबाव होने का आरोप लगाया था। हालांकि कंपनी ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया है।

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क्या है मुंबई एयरपोर्ट का मामला

Photo : BCCL

Adani Group and Rahul Gandhi Allegation on PM Narendra Modi: देश में इस समय अडानी ग्रुप को लेकर सियासत गरम है। विपक्ष हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आने के बाद से अडानी ग्रुप पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाने की मांग कर रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जीवेकी (GVK) ग्रुप पर दबाव में गौतम अडानी की कंपनी को मुंबई एयरपोर्ट की अपनी हिस्सेदारी बेचने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों को जीवेकी ग्रुप ने खारिज कर दिया है, और उस पर सफाई भी जारी की है। ऐसे में पहला सवाल यही उठता है कि जीवीके ग्रुप कौन है। जीवीके ग्रुप एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन और एविएशन क्षेत्र में प्रमुख रुप से काम करता रहा है।

राहुल गांधी ने क्या लगाए आरोप

राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में जीवीके ग्रुप पर दबाव होने का आरोप लगाया था। उन्होंने संसद में कहा था 'भारत सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर जीवीके से मुंबई हवाई अड्डा लेकर उसे अडानी को सौंप दिया। जिसे पहले जीवीके ग्रुप संचालित कर रहा था।' असल में अडानी समूह की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने जुलाई 2021 में GVK से मुंबई एयरपोर्ट खरीदा था।

जीवीके ने क्या कहा

जीवीके के प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा है कि मुंबई हवाई अड्डे में हिस्सेदारी अडानी ग्रुप की कंपनी को बेचने का फैसला प्रबंधन ने लिया था और इसके लिए हमपर कोई ‘बाहरी दबाव’ नहीं डाला गया। वहीं जीवीके ग्रुप के वाइस चेयरमैन संजय रेड्डी ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उन परिस्थतियों को स्पष्ट किया है , जिनकी वजह से ग्रुप को मुंबई हवाई अड्डे में हिस्सेदारी बेचनी पड़ी। रेड्डी ने कहा कि ग्रुप हवाई अड्डा कारोबार के लिए धन जुटाना चाहता था। उन्होंने बताया कि अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी ने उनसे संपर्क किया था और कहा था कि उनकी हवाई अड्डे में रुचि है और क्या जीवीके ग्रुप उनके साथ सौदा करने का इच्छुक है। रेड्डी ने कहा कि अडाणी ने एक महीने में सौदा पूरा होने की बात कही। यह हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण था। हमने जो कुछ भी किया कंपनी के हित में किया। हमें वित्तीय संस्थानों को कर्ज लौटाने थे और इसीलिए सौदा जल्द-से-जल्द पूरा करना था। चूंकि किसी और निवेशक ने रूचि नहीं दिखाई, हमने अडानी के साथ सौदा किया।

क्या करता है जीवीके ग्रुप

जीवीके ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार ग्रुप का एनर्जी, ट्रांसपोर्टेशन और एविएशन क्षेत्र में प्रमुख रुप से काम रहा है। उसने भारत का पहला निजी बिजली संयंत्र स्थापित किया। कंपनी इस समय करीब 2400 मेगावाट के बिजली संयंत्र संचालित कर रही है। जो उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पंजाब में स्थित हैं। इसके अलाव जम्मू और कश्मीरम में एक प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

इसी तरह कंपनी 542.4 किलोमीटर की जयपुर-किशनगढ़ एक्स्प्रेस-वे को ऑपरेट कर रही है। कंपनी ने भारत की पहली छह-लेन टोल रोड परियोजना का निर्माण किया है।

इसके अलावा कंपनी ने मुंबई एयरपोर्ट को विकसित किया है। साथ ही बंगलौर एयरपोर्ट के लिए काम किया है। हालांकि वह 2021 में इस सेक्टर से निकल चुकी है। वह इंडोनेशिया के बाली एयरपोर्ट पर भी काम कर चुकी है।

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