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कार की छत पर सामान लादने से कितना घट जाता है गाड़ी का माइलेज?

लंबी यात्राओं पर अक्सर लोग कार की छत पर सामान लाद लेते हैं, जिससे गाड़ी का एरोडायनामिक्स बिगड़ जाता है। हवा के भारी प्रतिरोध और बढ़े हुए ड्रैग के कारण कार का माइलेज औसतन 10 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

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कार की छत पर सामान लादने से कितना घट जाता है गाड़ी का माइलेज?

जब भी हम लंबी फैमिली ट्रिप या छुट्टियों पर जाने की प्लानिंग करते हैं, तो अक्सर कार की बूट स्पेस (डिक्की) कम पड़ जाने पर छत पर लगे करियर या रूफ रैक का सहारा लेते हैं। घर का अतिरिक्त सामान, बैग या कैंपिंग गियर छत पर बांधकर सफर करना बहुत आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि छत पर सामान लादने से आपकी गाड़ी के माइलेज यानी ईंधन की खपत पर कितना असर पड़ता है? लोग अक्सर सोचते हैं कि थोड़ा बहुत वजन बढ़ने से गाड़ी के माइलेज पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों के अनुसार, रूफ करियर का असर सिर्फ वजन बढ़ने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह कार के पूरे एरोडायनामिक्स (Aerodynamics) यानी हवा के बहाव को बिगाड़ देता है, जिससे गाड़ी का माइलेज भारी मात्रा में घट जाता है।

कैसे कम होती है माइलेज?

गाड़ी के माइलेज कम होने के पीछे सबसे बड़ा कारण 'ड्रैग' यानी हवा का प्रतिरोध (Air Resistance) है। जब कोई कार सामान्य गति से सड़क पर दौड़ती है, तो उसके आगे की हवा का दबाव गाड़ी को पीछे की तरफ धकेलता है। कार कंपनियों द्वारा गाड़ियों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाता है कि हवा आसानी से गाड़ी के ऊपर से फिसलकर निकल जाए, जिसे एरोडायनामिक डिजाइन कहा जाता है। लेकिन जब आप कार की छत पर सामान या रूफ बॉक्स रख देते हैं, तो गाड़ी का यह चिकना और ढलवां आकार बिगड़ जाता है। छत पर रखा सामान हवा के रास्ते में एक दीवार की तरह खड़ा हो जाता है, जिससे हवा का प्रतिरोध कई गुना बढ़ जाता है। इस बढ़े हुए रेजिस्टेंस को पार करने के लिए इंजन को सामान्य से अधिक जोर लगाना पड़ता है, जिसके कारण फ्यूल की खपत तेजी से बढ़ने लगती है।

आंकड़ों और ऑटोमोबाइल रिसर्च की मानें तो कार की छत पर सामान लादने से गाड़ी का माइलेज औसतन 10 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है। यह कमी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप गाड़ी कितनी रफ्तार से चला रहे हैं। यदि आप शहर के अंदर धीमी गति (40-50 किमी/घंटा) पर गाड़ी चला रहे हैं, तो माइलेज पर इसका असर बहुत कम या न के बराबर देखने को मिलता है। हालांकि, जैसे ही आप हाईवे पर पहुंचते हैं और गाड़ी की स्पीड 80 से 100 किमी/घंटा या उससे अधिक हो जाती है, हवा का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार में रूफ करियर या सामान होने पर इंजन पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है, और पेट्रोल-डीजल या सीएनजी की खपत भारी रूप से बढ़ जाती है, जिससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ता है।

कैसे बचें इससे?

इस समस्या से बचने और अपनी गाड़ी का माइलेज बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो यह कोशिश करें कि रूफ करियर का इस्तेमाल तभी करें जब बेहद जरूरी हो और बूट स्पेस में ही ज्यादा से ज्यादा सामान एडजस्ट करने की कोशिश करें। यदि छत पर सामान रखना ही पड़े, तो उसे करीने से और एरोडायनामिक शेप वाले रूफ बॉक्स (Roof Box) में पैक करें, ताकि हवा का प्रतिरोध कम से कम हो। इसके अलावा, सफर पूरा होने के बाद या बिना काम के रूफ रैक को गाड़ी की छत से तुरंत हटा देना चाहिए, क्योंकि खाली रूफ रैक भी हवा के बहाव को रोकता है और माइलेज को प्रभावित करता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी गाड़ी के माइलेज को बचा सकते हैं और सफर को किफायती बना सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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