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8th Pay Commission: आएगा 8वां पे कमीशन, सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता हो सकता है 50 फीसदी से अधिक

DA Hike For Central Employees: आरएससीडब्ल्यूएस ने कहा कि केंद्रीय वेतन आयोगों के बीच 10 साल के लंबे गैप की वजह से केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी पिछले 70 सालों से फाइनेंशियल दिक्कतों का सामना करते रहे हैं।

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आ सकता है 8वां वेतन आयोग

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KEY HIGHLIGHTS
  • और बढ़ेगा महंगाई भत्ता
  • सरकारी कर्मचारियों की होगी मौज
  • आ सकता है 8वां वेतन आयोग

DA Hike For Central Employees: रेलवे वरिष्ठ नागरिक कल्याण सोसायटी (RSCWS) आरएससीडब्ल्यूएस ने हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) से 1 जनवरी 2024 से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन करने की सिफारिश की है, क्योंकि अगले साल महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) 50 फीसदी से ऊपर पहुंचने की उम्मीद है।

30 मई 2023 को वित्त मंत्रालय को दिए एक ज्ञापन में, आरएससीडब्ल्यूएस ने कई वजह बताई हैं, जिनके चलते केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक नया वेतन आयोग जरूरी है।

क्या आती है सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगियों को दिक्कत

आरएससीडब्ल्यूएस ने कहा कि केंद्रीय वेतन आयोगों के बीच 10 साल के लंबे गैप की वजह से केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी पिछले 70 सालों से फाइनेंशियल दिक्कतों का सामना करते रहे हैं। आरएससीडब्ल्यूएस के ज्ञापन के अनुसार, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) ने फरवरी 2017 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

इसे लागू करने के आदेश जुलाई और अगस्त 2017 में इस प्रोविजन के साथ जारी किए गए थे कि संशोधित वेतन का बकाया 01-01-2016 से और अलाउंस आदि का भुगतान बाद की तारीखों से किया जाएगा।

कितना है मिनिमम पे

आरएससीडब्ल्यूएस के मुताबिक 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये तय किया था और फिटमेंट फैक्टर को 3.15 के बजाय 2.57 प्रस्तावित किया था। इससे पहले, 5वें और 6वें वेतन आयोग ने वेतन संशोधन को 10 साल के मानदंड से अलग करने और डीए/डीआर 50 फीसदी से ऊपर करने की तारीख से जोड़ने की सिफारिश की थी।

ज्ञापन में आगे कहा गया है कि वेतन आयोगों को अपनी रिपोर्ट सौंपने में लगभग 2 साल लग रहे हैं और सरकार को उस पर विचार करने और लागू करने में एक साल या उससे अधिक का समय लगता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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