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बाजार की उठापटक के बीच नियमित कैश फ्लो के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं ये 5 डिविडेंड चैंपियन स्टॉक्स

बाजार की अस्थिरता के बीच कई निवेशक अब स्थिर आय देने वाले शेयरों की तलाश में हैं। ऐसे में हाई डिविडेंड यील्ड वाले स्टॉक्स लंबी अवधि में नियमित कैश फ्लो का अच्छा विकल्प बन सकते हैं, बशर्ते कंपनी की कमाई और बैलेंस शीट मजबूत हो।

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इन स्टॉक्स में मिलती रहेगी डिविडेंड इनकम (इमेज क्रेडिट कैन्वा)

जार की अस्थिरता के बीच अब कई निवेशक ऐसे शेयरों की तलाश में हैं जो केवल भाव बढ़ने पर निर्भर न हों, बल्कि नियमित कैश फ्लो भी दें। ऐसे माहौल में हाई डिविडेंड यील्ड वाले शेयर निवेशकों के लिए स्थिर आय का मजबूत विकल्प बन रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल ऊंचा डिविडेंड यील्ड देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि कंपनी की कमाई की मजबूती और भविष्य की ग्रोथ भी उतनी ही अहम होती है।

डिविडेंड यील्ड यह बताता है कि किसी कंपनी के शेयर के मौजूदा भाव के मुकाबले निवेशक को सालाना कितनी नकद आय मिल रही है। नियमित डिविडेंड देने वाली कंपनियां आम तौर पर मजबूत कैश फ्लो और शेयरहोल्डर फ्रेंडली मैनेजमेंट का संकेत देती हैं। लेकिन यदि कंपनी की कमाई घट रही हो और फिर भी डिविडेंड दिया जा रहा हो, तो यह लंबे समय में टिकाऊ नहीं रहता। इसलिए समझदार निवेशक यील्ड के साथ बिजनेस फंडामेंटल को भी महत्व देते हैं।

REC: पावर सेक्टर की मजबूत कंपनी

पावर सेक्टर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस देने वाली सरकारी कंपनी REC डिविडेंड के मामले में निवेशकों की पसंद बनी हुई है। कंपनी करीब 5.1% का डिविडेंड यील्ड दे रही है। पिछले एक साल में कंपनी की आय लगभग 12% और मुनाफा 11% बढ़ा है, जबकि कम PE रेशियो स्टॉक को वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक बनाता है। मजबूत सरकारी बैकिंग इसे स्थिर आय विकल्प के रूप में स्थापित करती है।

GPP: पोर्ट बिजनेस से स्थिर कमाई

पश्चिमी भारत के प्रमुख पोर्ट ऑपरेटर्स में शामिल Gujarat Pipavav Port का कारोबार कंटेनर और कार्गो हैंडलिंग पर आधारित है। कंपनी करीब 4.6% का डिविडेंड यील्ड दे रही है। राजस्व में स्थिर बढ़त के साथ मुनाफे में लगभग 39% की सालाना वृद्धि ऑपरेशनल मजबूती दिखाती है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को भरोसा देती है।

PFC: ऊर्जा सेक्टर से मजबूत नकदी प्रवाह

Power Finance Corporation बिजली उत्पादन और वितरण कंपनियों को फाइनेंस उपलब्ध कराती है। कंपनी लगभग 3.8% का डिविडेंड यील्ड दे रही है और पिछले साल राजस्व व मुनाफे दोनों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। कम वैल्यूएशन और स्थिर बिजनेस मॉडल इसे डिविडेंड निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनाता है।

OFS : टेक्नोलॉजी से मजबूत कमाई

Oracle Financial Services वैश्विक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन देती है। कंपनी का डिविडेंड यील्ड लगभग 3.7% है और हाल के वर्ष में मुनाफे में तेज 75% वृद्धि दर्ज हुई है। हालांकि स्टॉक प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करता है, लेकिन मजबूत कमाई इसे आय और ग्रोथ दोनों का मिश्रण बनाती है।

Pfizer: फार्मा सेक्टर से स्थिर आय का विकल्प

फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी Pfizer भी नियमित डिविडेंड देने वाली कंपनियों में शामिल है। कंपनी लगभग 3.2% का डिविडेंड यील्ड देती है और पिछले साल आय व मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। हेल्थकेयर खर्च बढ़ने की लंबी अवधि की थीम कंपनी के बिजनेस को सपोर्ट देती है।

निवेश से पहले संतुलन जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक डिविडेंड स्टॉक्स उन निवेशकों के लिए बेहतर होते हैं जो नियमित आय चाहते हैं, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की कमाई, कर्ज स्तर और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण जरूरी है। सही कंपनियों का चयन लंबे समय में स्थिर पैसिव इनकम का मजबूत आधार बन सकता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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