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REIT: 4 लिस्टेड रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स ने निवेशकों को दिए 1371 करोड़ रु, अब तक दे चुके 18000 करोड़ रु से ज्यादा

Real Estate Investment Trusts: अपनी शुरुआत के बाद से, पिछले पांच साल से अधिक समय में इन चार रीट ने मिलकर अपने यूनिट धारकों को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किये हैं। घरेलू रीट बाजार के पास अब 1,40,000 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) है।

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रीट ने निवेशकों को दिये 1371 करोड़

KEY HIGHLIGHTS
  • 4 लिस्टेड REIT ने दिए 1371 करोड़ रु
  • निवेशकों को मिला ये पैसा
  • अब तक मिल चुके 18000 करोड़ रु से ज्यादा

Real Estate Investment Trusts: चार लिस्टेड रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (REIT या रीट) ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए अपने यूनिट धारकों को 1,371 करोड़ रुपये दिये हैं। इंडस्ट्री के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। देश में सार्वजनिक तौर पर लिस्टेड चार रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क रीट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क रीट और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट) हैं। इंडियन रीट्स एसोसिएशन (आईआरए) के आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही में इन चार रीट ने मिलकर 2,45,000 से अधिक यूनिट धारकों को 1,371 करोड़ रुपये से ज्यादा वितरित किये हैं।

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शुरुआत से अब तक किए 18000 करोड़ रु

अपनी शुरुआत के बाद से, पिछले पांच साल से अधिक समय में इन चार रीट ने मिलकर अपने यूनिट धारकों को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किये हैं। घरेलू रीट बाजार के पास अब 1,40,000 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) है।

कुल मिलाकर चारों रीट की संपत्तियां देशभर में लगभग 12.2 करोड़ वर्ग फुट ग्रेड ए ऑफिस और रिटेल लोकेशन तक फैली हुई हैं। भारतीय रीट एसोसिएशन, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और वित्त मंत्रालय के मार्गदर्शन में स्थापित एक गैर-लाभकारी संगठन है।

किसके पास हैं किराए वाली संपत्तियां

इसमें ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क रीट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क रीट और नेक्सस सेलेक्ट शामिल हैं। नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के पास किराया अर्जित करने वाली खुदरा संपत्तियां हैं।

अन्य तीन रीट के पास बड़े पैमाने पर प्रमुख ऑफिस स्थान हैं। सरकार ने हाल ही में केंद्रीय बजट में रीट और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) सहित कारोबारी ट्रस्ट के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स निर्धारित करने के लिए यूनिट रखने की अवधि को 36 महीने से घटाकर 12 महीने कर दिया है। इसका उद्देश्य इन उत्पादों के लिए निवेशक आधार बढ़ाना है। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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