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21, 25 या 45 आखिर कब कर सकेंगे एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग?

LPG Booking New Rule: रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर करोड़ों उपभोक्ताओं पर होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब ग्रामीण उपभोक्‍ताओं के लिए सिलेंडर बुक कराने के नियम बदल दिए हैं।

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gas cylinder expensive

दुनियाभर में ऊर्जा संकट और युद्ध के हालातों के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस की आपूर्ति (Supply) को संतुलित बनाए रखने के लिए बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आप अपनी मर्जी से कभी भी सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। गैस वितरण कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने रिफिलिंग के लिए एक नया टाइम-साइकिल तय किया है, जिसे समझना हर उपभोक्ता के लिए बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और 'पैनिक बुकिंग' को रोकने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग हो सकती है।

क्या है नियम?

नए नियमों के अनुसार, अब दो सिलेंडरों के बीच एक निश्चित अंतराल होना अनिवार्य है। पहले जहां ग्राहक महीने में कई सिलेंडर बुक कर लेते थे, अब सामान्य उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 15 से 21 दिन के अंतराल पर तय की जा रही है। यानी एक बार सिलेंडर मिलने के बाद आप अगले 15 से 21 दिनों तक दूसरी बुकिंग नहीं कर पाएंगे। इसके पीछे सबसे बड़ा तर्क 'राशनिंग' है। सरकार चाहती है कि सप्लाई चैन में आ रही बाधाओं के बावजूद हर घर तक कम से कम एक चालू सिलेंडर हमेशा मौजूद रहे।

रिजेक्ट हो जाएगी बुकिंग

खासकर उन इलाकों में जहां सप्लाई की समस्या ज्यादा है, वहां यह सीमा 25 से 45 दिन तक भी जा सकती है। हालिया संकट को देखते हुए यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि संपन्न लोग सिलेंडर स्टॉक न कर सकें और गरीबों या जरूरतमंदों को गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े। तेल कंपनियों के सॉफ्टवेयर में अब ऐसे बदलाव किए गए हैं कि अगर आप समय सीमा से पहले बुकिंग की कोशिश करेंगे, तो सिस्टम उसे 'रिजेक्ट' कर देगा या 'पेंडिंग' में डाल देगा।

सरकार का यह फैसला वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जैसे समुद्री रास्तों में आई रुकावटों का नतीजा है। भारत अपनी जरूरत की 50% से ज्यादा एलपीजी आयात करता है। युद्ध की वजह से सप्लाई में देरी हो रही है, जिससे 'बैकलॉग' बढ़ गया है। इस बैकलॉग को खत्म करने के लिए ही बुकिंग साइकिल को बढ़ा दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो डर के मारे सिलेंडर जमा कर लेते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा हो जाती है।

इन लोगों को 45 दिन में मिलेगा सिलेंडर

ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में, जहां लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां अधिक हैं, वहां बुकिंग का समय 45 दिन के बीच रखा जा सकता है। वहीं शहरी क्षेत्रों में, जहाँ गैस एजेंसियां पास होती हैं, वहां यह अंतराल 21 दिन तक रखा गया है। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास 'सिंगल सिलेंडर' कनेक्शन है, उन्हें 'डबल सिलेंडर' (DBC) वालों के मुकाबले बुकिंग में प्राथमिकता दी जा सकती है। यदि आप भी गैस बुकिंग करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले अपने पिछले डिलीवरी इनवॉइस की तारीख जरूर चेक कर लें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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