देश में बढ़ते हवाई यात्रियों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने 100 नए एयरपोर्ट बनाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही 200 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को UDAN योजना में 10 साल की अवधि के लिए बदलाव को मंजरी दे दी है, जिसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। I&B और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि नई योजना के तहत, अगले आठ सालों में कुल 12,159 करोड़ रुपये के खर्च से 100 नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। इसके अलावा, 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का भी प्रस्ताव है, जिनमें से हर एक पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस तरह अगले आठ सालों में कुल 3,661 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम को मिलेगा बढ़ावा
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS) के तहत आने वाले हवाई अड्डों के लिए बार-बार होने वाले ज्यादा O&M खर्च और कमाई के सीमित साधनों को देखते हुए, इस योजना में तीन साल तक O&M सहायता देने का प्रस्ताव है। यह सहायता हर हवाई अड्डे के लिए सालाना 3.06 करोड़ रुपये और हर हेलीपोर्ट/वॉटर एयरोड्रोम के लिए सालाना 90 लाख रुपये तक सीमित होगी। अनुमान है कि लगभग 441 हवाई अड्डों के लिए इस सहायता पर कुल 2,577 करोड़ रुपये खर्च होंगे। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत, एयरलाइन ऑपरेटरों को आवंटित मार्गों पर उड़ान भरने के लिए VGF के रूप में वित्तीय सहायता मिलती है। सरकार ने लंबे समय तक बाजार के विकास की ज़रूरत को समझते हुए, एयरलाइन ऑपरेटरों को 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपये की VGF सहायता देने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना में पवन हंस के लिए दो HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो HAL डोर्नियर विमान खरीदने का प्रस्ताव भी है।
2016 में शुरू की गई थी UDAN स्कीम
UDAN योजना अक्टूबर 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य हवाई यात्रा को किफायती बनाना और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करना था। योजना के लागू होने के नौ वर्षों में, 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम पर 663 मार्गों को चालू किया गया है। 3.41 लाख से ज्यादा उड़ानें संचालित की गई हैं, जिनमें 162.47 लाख यात्रियों ने यात्रा की है। इस योजना ने क्षेत्रीय एयरलाइनों और विविध बेड़े के संचालन में विकास को बढ़ावा दिया है, जिससे संशोधित UDAN योजना के लिए एक मजबूत नींव रखी गई है।
