Vande Bharat Sleeper Train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी महीने दौड़ने को तैयार, जानें कब होने जा रहा है ट्रायल
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- Updated Dec 6, 2025, 11:29 AM IST
वंदे भारत की लोकप्रियता के साथ ही एक चीज जिसकी मांग सबसे ज्यादा बढ़ गई थी, वो थी इस ट्रेन के स्लीपर वर्जन की। लोगों के लिए खुशखबरी है, दिसंबर के महीने में ही लोगों का इंतजार खत्म हो रहा है। तेज और सुविधाजनक यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए पटना से दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने वाली है।
पटना से दिल्ली के बीच शुरू होने वाली है सेवा (सांकेतिक चित्र | PTI)
Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत ट्रेन की जितनी तेजी से देश में लोकप्रिय हुई है, उसका कारण इसकी सुविधाएं हैं। लेकिन अब तक इस ट्रेन के स्लीपर वर्जन को लेकर एक इंतजार था, वह भी अब खत्म होने वाला है। इसी महीने, यानी दिसंबर में देश की पहली अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली और पटना के बीच नियमित रूप से दौड़ने लगेगी। लाइव इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक भारत अर्थमूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), बेंगलुरु में तैयार हो रहे दो रैक में से एक की फिनिशिंग पूरी हो चुकी है। यह पहला रैक 12 दिसंबर को बेंगलुरु से उत्तर रेलवे के लिए रवाना किया जाएगा, जिसके बाद दिल्ली–पटना रूट पर ट्रायल रन होना है।
16 कोच में 827 बर्थ, तीन श्रेणियों में सफर की सुविधा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 827 बर्थ की व्यवस्था की गई है। इनमें थर्ड एसी के 11 कोच में 611 बर्थ, सेकेंड एसी के 4 कोच में 188 बर्थ और फर्स्ट एसी के 1 कोच में 24 बर्थ शामिल हैं। इस पूरी संरचना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को अधिकतम आराम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
सप्ताह में छह दिन दौड़ेगी नई वंदे भारत
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह ही स्लीपर वर्जन को भी सप्ताह में छह दिन चलाया जाएगा। पटना से यह ट्रेन नई दिल्ली–राजेंद्र नगर तेजस राजधानी के समय के आसपास शाम को खुलेगी और अगली सुबह दिल्ली पहुंचेगी। इसी तरह वापसी यात्रा का समय भी लगभग तेजस राजधानी जैसा रहेगा। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, महीने के अंत तक इसके परिचालन को शुरू करने की पूरी तैयारी है।
उन्नत तकनीक से लैस होगी नई ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक और प्रीमियम इंटीरियर के साथ तैयार किया गया है। ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, अत्याधुनिक बायो-टॉयलेट, सीसीटीवी कैमरे, हर बर्थ के लिए रीडिंग लाइट और आरामदायक डिजाइन का इंटीरियर शामिल है। यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती है, जबकि सुरक्षा के लिए कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम और क्रैश-प्रूफ बॉडी डिजाइन दिया गया है।
कोचों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी
रेलवे ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को इस तरह बनाया है कि भीड़ बढ़ने पर इसके कोचों की संख्या 16 से बढ़ाकर 24 तक की जा सके। इससे यात्रियों की बढ़ती मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।