Land for Job Scam: आज टल गया फैसला, अब 8 दिसंबर को होगी सुनवाई, CBI की रडार पर रतलाम के 5 रेलवे कर्मी
- Edited by: Digpal Singh
- Updated Dec 4, 2025, 02:47 PM IST
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय करने का फैसला टाल दिया है। अब इस मामले में सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। CBI ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए रतलाम के पांच रेलकर्मियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। मामले में लालू प्रसाद, उनके परिवार और कई अन्य आरोपी हैं।
लैंड फॉर जॉब मामले में आरोपी हैं लालू प्रसाद यादव (फोटो - PTI)
आज यानी गुरुवार 4 दिसंबर को हर किसी की नजर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट पर थी। क्योंकि आज लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में आरोप तय किए जाने पर फैसला सुनाया जाना था, लेकिन अदालत ने फिलहाल निर्णय टाल दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार 8 दिसंबर को होगी। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य व कई अन्य आरोपी शामिल हैं। इससे पहले 10 नवंबर को स्पेशल जज विशाल गोगने ने CBI की याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए 4 दिसंबर की तारीख तय की थी।
इस बीच, लैंड फॉर जॉब मामले के तार अब मध्यप्रदेश के रतलाम तक पहुंच गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI की नजर यहां के कई रेल कर्मचारियों पर है। एजेंसी ने पांच रेलकर्मियों का वेरिफिकेशन करने के लिए उनका रिकॉर्ड मांगा है। कल यानी बुधवार 3 दिसंबर को पश्चिम रेलवे मुंबई मुख्यालय से मंडल कार्यालय को इस संबंध में एक पत्र मिला, जिसे वेस्टर्न रेलवे चर्चगेट की डिप्टी चीफ विजिलेंस ऑफिसर (एडमिन) रश्मि पी. लोकेगांवकर ने जारी किया है। इस चिट्ठी में कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, जन्म तिथि और जाति प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेज 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इनमें से कुछ कर्मचारियों पर लैंड फॉर जॉब स्कैम से जुड़े होने का संदेह है, जबकि अन्य पर भ्रष्टाचार और अलग-अलग मामलों की जांच चल रही है। बता दें कि बीते वर्ष CBI इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए दिल्ली भी बुला चुकी है। जांच के तहत उस समय भी पश्चिम रेलवे मुख्यालय से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया था।
लैंड फॉर जॉब स्कैम कथित तौर पर उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन ली गई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है और लालू यादव के परिवार से जुड़ी कुछ संपत्तियों को जब्त भी कर चुका है।