इंग्लिश ना जानने के कारण अंजना सिंह का लोअर क्लास में हुआ था एडमिशन, जानें एक्ट्रेस का चाइल्डहुड टाइम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 27, 2022, 06:26 PM IST

Bhojpuri Actress Anjana Singh: भोजपुरी एक्ट्रेस अंजना सिंह इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस हैं। उनकी फिल्म और गाने दर्शकों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। अंजना बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहीं। लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब उन्हें लोअर क्लास में एडमिशन लेना पड़ा।

इंग्लिश ना जानने के कारण अंजना सिंह का लोअर क्लास में हुआ था एडमिशन, जानें एक्ट्रेस का चाइल्डहुड टाइम
Photo Credit: Instagram

Bhojpuri Actress Anjana Singh Childhood Story: एक्ट्रेस अंजना सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री में हॉटकेक के नाम से मशहूर हैं। आज अंजना इतनी काययाब और मशहूर हैं कि किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दी। रवि किशन, निरहुआ, पवन सिंह और खेसारी लाल जैसे तमाम बड़े स्टार्स के साथ अंजना स्क्रीन शेयर कर चुकी हैं। अंजना की फैन फॉलोइंग भी काफी लंबी चौड़ी है। फिल्मों से लेकर सोशल मीडिया तक अंजना को फैंस का भरपूर प्यार मिलता है। अगर आप भी अंजना के फैन हैं तो आपको उनकी लाइफ से जुड़े दिलचस्प किस्से जरूर जानने चाहिए। अंजना आज जितनी प्यारी और नटखट हैं, बचपन में भी वह इतनी की शरारती हुआ करती थीं। यूट्यूब पर ‘द बायोस्कॉप’ को दिए इंटरव्यू के दौरान अंजना अपने चाइल्डहुड टाइम को लेकर कई सारी बातों का खुलासा कर चुकी हैं।

 निकनेम से पुकारे जाने पर चिढ़ जाती थीं अंजना

भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े कई स्टार्स के निकनेम आप जानते होंगे। लेकिन अंजना का निकनेम शायद आपको न पता हो। क्योंकि अंजना को अगर कोई उनके निकनेम से पुकारता है तो वह गुस्सा हो जाती हैं। इसलिए उनका निकनेम किसी को नहीं मालूम। दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान अंजना ने बताया कि, मुझे मेरा नाम बहुत पसंद है। मेरे घर पर सभी को निकनेम से पुकारा जाता था। लेकिन मुझे यह पसंद नहीं था कि कोई मुझे निकनेम से बुलाए। मैं गुस्सा हो जाती थी। इसलिए सभी ने मुझे निकनेम से बुलाना छोड़ दिया और अब तो सभी मेरा निकनेम भी भूल चुके हैं। वैसे बता दें कि अंजना का निकनेम ‘शिल्पी’ है।    

इस कारण लोअर क्लास में हुआ था अंजना का एडमिशन

अंजना की शुरुआती शिक्षा उन्नाव के सरस्वती शिक्षा मंदिर से हुई। वह बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। स्कूल की परीक्षा में हमेशा अंजना फर्स्ट, सेकेंड या थर्ड रैंक लाती थीं। उनके टीचर घर आकर अंजना की पढ़ाई की तारीफ करते थे और गिफ्ट्स व सर्टिफिकेट देते थे। लेकिन जब उनके पिता का ट्रांसफर बहराइच में हो गया तो यहां उनका एडमिशन एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में कराया गया। हिंदी से इंग्लिश मीडियम जाना अंजना के लिए आसान नहीं था। क्योंकि वह संस्कृत और हिंदी जैसे भाषा में अच्छी थी लेकिन अंग्रेजी में कमजोर थी। इसलिए तीसरी कक्षा के बजाय यहां उनका एडमिशन केजी 2 में हुआ। क्योंकि अंजना को सभी सब्जेक्ट के टेस्ट में फुल नंबर मिले थे लेकिन इंग्लिश में उन्हें जैसे तैसे पास नंबर आ गए। अंजना ने बताया कि इस कारण उन्हें दो साल पीछे कर दिया गया।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!