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मोटरसाइकिल में क्रूज कंट्रोल फीचर क्या होता है? आपको ऐसी बाइक लेनी चाहिए या नहीं, यहां जानें

मोटरसाइकिल की टेक्नोलॉजी काफी ज्यादा एडवांस हो चुकी है। अब बाइक्स में कुछ ऐसे फीचर्स मिलने लगे जिनकी कल्पना कुछ सालों पहले तक सिर्फ कार में ही की जा सकती थी। इन्हीं फीचर्स में से एक क्रूज कंट्रोल का फीचर। आइए आपको इसके बारे में डिटेल से बताते हैं।

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कई सारी कंपनियां अब अपनी प्रीमियम बाइक्स में क्रूज कंट्रोल का फीचर दे रही हैं।

टू व्हीलकर सेक्टर में टेक्नोलॉजी पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बदली है। आज के समय में कई सारी ऐसी बाइक्स मार्केट में आ चुकी हैं जिनमें कुछ ऐसे फीचर्स हैं जिनकी कल्पना आज से कुछ सालों पहले तक नहीं की जा सकती थी। इन्हीं में से एक फीचर है क्रूज कंट्रोल का। यह एक ऐसा फीचर है जो कि प्रीमिय कार में देखने को मिलता था लेकिन अब इसे बाइक्स में भी दिया जाने लगा है। अब भारतीय बाजार में कई सारी कम्यूटर मोटरसाइकिलों में भी क्रूज कंट्रोल फीचर मिलने लगा है। दोपहिया वाहन निर्माता इसे एक प्रीमियम फीचर के तौर पर अपनी बाइक्स में पेश कर रही हैं।

मोटरसाइकिल में क्रूज कंट्रोल का मिलना एक बड़ी बात है। हालांकि भारतीय रोड कंडीशन्स जहां अधिकांश जगहों पर रोड पर गड्ढे, ऊबड़ खाबड़ जमीन और साथ ही अक्सर लोग अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में गाड़ी चलाने लगते हैं वहां यह फीचर थोड़ा मजाक जैसा लगता है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्रूज कंट्रोल फीचर क्या है और यह बाइक में किस तरह से काम करता है।

क्या है क्रूज कंट्रोल फीचर

मोटरसाइकिल क्रूज कंट्रोल फीचर एक ऐसे सिस्टम के जरिए काम करता है जो बाइक को ऑटोमैटिकली एक स्पीड पर फिक्स कर देता है। इसके लिए राइडर को सिर्फ एक बटन के जरिए एक स्पीड को सेट करना होता है और फिर बाइक उसी स्पीड से अपने आप चलती रहती है। इसका बड़ा फायदा यह है कि राइडर क्रूज कंट्रोल ऑन करके थ्रॉटल को छोड़ सकता है। लंबी दूरी की यात्रा में यह फीचर राइडर को काफी आराम पहुंचाता है।

दो तरह का होता है क्रूज कंट्रोल

आपको बता दें कि मोटरसाइकिलों में क्रूज कंट्रोल दो प्रकार का होता है - मैकेनिकल थ्रॉटल लॉक और इलेक्ट्रॉनिक क्रूज कंट्रोल। मैकेनिकल थ्रॉटल लॉक थ्रॉटल को एक तय स्थिति में पकड़कर रखता है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक क्रूज कंट्रोल सेंसर, माइक्रोचिप और सॉफ्टवेयर की मदद से बाइक की स्पीड को बेहद सटीक तरीके से बनाए रखता है।

ज्यादातर बाइक निर्माता कंपनी इलेक्ट्रॉनिक क्रूज कंट्रोल को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं। क्योंकि आजकल की नई बाइक्स में स्पीड बढ़ाने के लिए राइड-बाय-वायर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस टेक्नोलॉजी में थ्रॉटल को सीधे इंजन से नहीं जोड़ा जाता, बल्कि एक सेंसर इंजन कंट्रोल यूनिट को सिंग्नल भेजता है और उसके बाद ही स्पीड बढ़ती है।

क्रूज कंट्रोल वाली बाइक लेनी चाहिए या नहीं

अगर आप ज्यादातर हाईवे पर चलते हैं, लंबा कम्यूट करते हैं या वीकेंड पर टूरिंग पर जाते हैं, तो क्रूज कंट्रोल आपके लिए काफी उपयोगी फीचर हो सकता है। यह हाथ, कलाई और शरीर की थकान को कम करता है। लेकिन अगर आप सिर्फ डेली कॉलेज या फिर ऑफिस जाते हैं तो यह फीचर आपके काम नहीं आने वाला है। सिटी कंडीशन में आप क्रूज कंट्रोल फीचर का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। आपको बता दें कि इस समय KTM, Hero, TVS अपनी कई सारी बाइक्स में क्रूज कंट्रोल फीचर दे रही हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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