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इंजन ऑयल का सही लेवल चेक करना आता है? यहां जानें कैसे चुटकियों में होता है ये काम

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 3, 2022, 11:26 AM IST

कार मालिकों को बाहरी मेंटेनेंस जितनी ही जरूरत कार के इंजन को मेंटेन रखने की भी होती है जिससे इसकी उम्र बढ़ती है. इंजन ऑयल की सही और समय-समय पर जांच से इसका सही लेवल बनाए रखने में बहुत सहूलियत हो जाती है.

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यहां हम आपको बता रहे हैं कार के इंजन ऑयल की सही स्थिति का पता लगा सकते हैं.

KEY HIGHLIGHTS
  • इंजन ऑयल की जांच करना काफी आसान
  • डिपस्टिक पर होती है कई तरह की मार्किंग
  • सही ऑयल लेवल बढ़ाता है कार की उम्र

How To Check Car Engine Oil: कार आपमें से ज्यादातर लोगों के परिवार कार हिस्सा होती है और इसे मेंटेन करके रखना आप सभी चाहते हैं. समय-समय पर कार की सर्विस कराना इसका सबसे आसान तरीका है. किसी भी कार को बेहतर स्थिति में बनाए रखने का तरीका उसका इंजन ऑयल अच्छी कंडिशन में मेंटेन करना है. कंपनियों द्वारा अमूमन हर 10,000 किमी पर कार का इंजन ऑयल बदलने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये आंकड़ा शहर और ट्रैफिक की स्थिति के हिसाब से बदलता भी है? तो यहां हम आपको बता रहे हैं कार के इंजन ऑयल की सही स्थिति का पता लगा सकते हैं.

इंजन को होने दें ठंडा

कार का इंजन गर्म होगा तो आप कभी इंजन ऑयल के लेवल की जांच नहीं कर पाएंगे. इसे कम से कम 10-15 मिनट तक ठंडा होने दें जिससे कि इंजन के सभी हिस्सों में बह रहा ऑयल तली में इकट्ठा हो जाए. कई वाहन निर्माता अपनी कार के इंजन के ठंडा होने पर ऑयल जांच की सलाह नहीं देते, ऐसे में कार कंपनी के मैनुअल को अच्छी तरह पढ़ लें.

समतल जगह पर खड़ी कारें कार

इंजन ऑयल की जांच करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपकी कार जहां खड़ी है वो जगह समतल हो. चढ़ाई या किसी कच्चे रास्ते पर खड़ी कार का इंजन ऑयल पोजिशन के हिसाब से ढल जाएगा और सही लेवल पता नहीं लगेगा. ऐसे में समतल जगह पर खड़ी कार का इंजन ऑयल भी सही लेवल पर होगा और आपको सटीक जानकारी भी मिलेगी.

पीली डिपस्टिक इंजन से बाहर निकालें

कार का बोनट खोलें और पीले रंग के डिपस्टिक कैप को ढूंढें, ये अमूमन इंजन के बीच में लगा हुआ होता है. इस डिपस्टिक को बाहर खींचें और साफ कपड़े से इसे अच्छी तरह पोछें. साफ डिपस्टिक को दोबारा इंजन में डालें और इसे बाहर निकालकर देखें कि कार में कितना इंजन ऑयल बचा है और किस स्थिति में है. ध्यान रखें कि ये कपड़ा साफ हो और इसे वापस इंजन में डालते समय किसी तरह की गंदगी इंजन के अंदर ना जाए.

डिपस्टिक पर छपी होती है मार्किंग

इंजन ऑयल के लेवल की जानकारी देने वाली इस डिपस्टिक पर कुछ मार्किंग होती हैं जिनमें मैक्सिमम से लेकर मिनिमम तक संकेत दिखाई देते हैं. जब साफ करके इस डिपस्टिक को इंजन में दोबारा डालकर बाहर निकाला जाता है तो ये इंजन में मौजूद ऑयल का लेवल आपको बताती है. अगर इंजन ऑयल का लेवल कम है तो मौजूदा ग्रेड का ही ऑयल इसमें डालें ताकि लेवल बराबर हो सके. ध्यान रहे कि तय से ज्यादा ऑयल इंजन में ना भरें.

डिपस्टिक वाली प्रक्रिया को दोहराएं

ऑयल फिल्टर कैप की मदद से आप कार के इंजन में ऑयल भर सकते हैं, ये कैप अमूमन डिपस्टिक कैप के नजदीक ही लगा होता है. ऑयल भरते समय सावधानी बरतें और इसे इंजन के बाकी हिस्सों पर गिरने ना दें. इसे भरने के बाद कुछ समय रुकें ताकि ये अच्छी तरह सेट हो जाए. लंबी दूरी तय करने से पहले इंजन ऑयल की जांच कर लें ताकि इंजन को कोई नुकसान ना हो.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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