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टाटा ने पंजाब में शुरू किया नया स्क्रैप सेंटर शुरू किया, कुल देशभर में कंपनी के 4 सेंटर्स

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Nov 28, 2023, 10:04 PM IST

टाटा मोटर्स ने पंजाब में अपना चौथा स्क्रैप सेंटर शुरू कर दिया है। कंपनी ने कहा, “यह मील का पत्थर टाटा मोटर्स के जयपुर, भुवनेश्वर और सूरत में पिछले तीन ऐसे केंद्रों की शानदार सफलता के बाद आया है।

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टाटा मोटर्स ने पंजाब में पंजीकृत वाहन कबाड़ इकाई (आरवीएसएफ) शुरू की है।

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • टाटा मोटर्स का चौथा स्क्रैप सेंटर
  • पंजाब में शुरू हो जाएगी स्क्रैपिंग
  • जयपुर, भुवनेश्वर, सूरत में बाकी

Tata New Scrap Centre: प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने पंजाब में पंजीकृत वाहन कबाड़ इकाई (आरवीएसएफ) शुरू की है। कंपनी की यह ऐसी चौथी इकाई है। टाटा मोटर्स ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि मोरिंडा में ‘आरई.डब्ल्यूआई.आरई- रीसाइकिल विद रेस्पेक्ट’ (सम्मान के साथ पुनर्चक्रण) नाम की इस इकाई का अनावरण उसके टाटा मोटर्स यात्री वाहन और टाटा यात्री इलेक्ट्रिक वाहन खंड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्र ने किया।

12,000 वाहन होंगे स्क्रैप

यह इकाई पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए प्रतिवर्ष 12,000 वाहनों को सुरक्षित और स्थायी रूप से कबाड़ में बदलने की क्षमता रखती है। वाहन कबाड़ इकाई को टाटा मोटर्स की साझेदार दादा ट्रेडिंग कंपनी ने विकसित किया। वह इसका संचालन भी करेगी। टाटा इससे पहले भी कई जगहों पर स्क्रैप सेंटर लगा चुकी है, इसके अलावा कई अन्य कंपनियां भी इसकी तरह के स्क्रैपिंग सेंटर्स लगा चुकी हैं जिससे पुराने वाहनों को नष्ट करना आसान हो सके।

मिलते हैं कई फायदे

कंपनी ने कहा, “यह मील का पत्थर टाटा मोटर्स के जयपुर, भुवनेश्वर और सूरत में पिछले तीन ऐसे केंद्रों की शानदार सफलता के बाद आया है। यह पर्यावरण-अनुकूल पहल के प्रति इसके समर्पण को और मजबूत करता है।” गौरतलब है कि वाहन स्क्रैप कराने के आपको बहुत सारे फायदे मिलते हैं जिससे नया वाहन खरीदने में काफी डिस्काउंट मिलता है। कुल मिलाकर ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा होता है, बल्कि आपकी जेब भी गर्म होती है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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