Tariff News Today: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ वॉर को तेज करने के साथ भारत में जर्मनी की लक्जरी कार विनिर्माताओं- BMW और मर्सिडीज-बेंज ने बृहस्पतिवार को कम टैरिफ और व्यापार बाधाओं के आधार पर अधिक मुक्त व्यापार का आह्वान किया। दोनों कंपनियों ने कहा कि यह सभी के लिए फायदेमंद होगा। ग्लोबल स्तर पर अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर लगाए जाने वाले उच्च टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन ने लगभग 60 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाया है। इसके तहत अमेरिका ने बुधवार को भारत पर 26% का जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि भारत, अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर उच्च इम्पोर्ट टैरिफ लगाता है।
मुक्त व्यापार है जरूरी
हालांकि, वाहन और वाहन के पुर्जों के साथ-साथ स्टील और एल्युमीनियम की वस्तुएं पहले से ही धारा 232 के तहत 25% टैरिफ के अधीन हैं। इसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 मार्च 2025 को दिए गए आदेश में की थी। ये वस्तुएं नवीनतम आदेश में शामिल नहीं हैं। BMW ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विक्रम पावाह ने पीटीआई-भाषा से कहा, “हम हमेशा से इस बात पर सहमत रहे हैं और हम हमेशा प्रस्ताव देते रहे हैं कि देशों के साथ अधिक मुक्त व्यापार समझौते होने चाहिए। निश्चित रूप से, यह सही रास्ता है, क्योंकि इस तरह से सभी को लाभ होगा, देश में नई टेक्नोलॉजी आ सकती है। उदाहरण के लिए, भारत बाजारों तक पहुंच बना सकता है। इसलिए यह दोनों पक्षों के लिए फायदे वाली स्थिति है।”
क्यों जरूरी है FTA?
इसके साथ ही पावाह ने कहा, “जब तक हम दुनिया के ज्यादातर देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की ओर बढ़ रहे हैं, तब तक मुझे लगता है कि इससे वाकई फायदा होगा। यह मुक्त व्यापार समझौतों के बारे में ज्यादा है। द्विपक्षीय समझौते ही आखिर मायने रखते हैं। इसी प्रकार के विचार व्यक्त करते हुए मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ संतोष अय्यर ने कहा, “हमारा मानना है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए खुली और निष्पक्ष व्यापार नीतियां आवश्यक हैं।” उन्होंने कहा कि कम टैरिफ और कम व्यापार बाधाओं पर आधारित मुक्त व्यापार ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विकास को काफी हद तक बढ़ाया है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों को लाभ हुआ है।
