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स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस और स्मार्ट आरसी मिलने में हो रही देरी, चिप की तंगी है वजह

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jul 16, 2023, 08:05 PM IST

Semiconductor Chip की तंगी से पूरी दुनिया अब भी जूझ रही है और इसका असर अब देश के आरटीओ पर भी पड़ने लगा है। मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि लोगों को स्मार्ट डीएल और स्मार्ट आरसी मिलने में देरी हो रही है।

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मार्केट में चिप की कमी आई और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस मिलने बंद हो गए।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • देरी से मिल रहे स्मार्ट डीएल-आरसी
  • सेमीकंडक्टर चिप की तंगी है वजह
  • दुनिया भर के निर्माताओं का सिरदर्द

Semiconductor Chip Shortage: दुनिया भर में फिलहाल जो परेशान करने वाली समस्या बनी हुई है वो सेमीकंडक्टर चिप की तंगी है। इसका असर अब आरटीओ विभाग में भी दिखनने लगा है, क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी देरी से ग्राहकों को मिल रही है। ये उन राज्यों की समस्या है जहां स्मार्ट कार्ड डीएल और आरसी लोगों को मुहैया कराए जाते हैं। वर्सेटाइल कार्ड टेक्नोलॉजी के सीईओ पेथी सरगुरु ने कहा कि पूरी 2022 और 2023 की शुरुआत तक चिप की ये तंगी सप्लाई चेन और रशिया-यूक्रेन युद्ध की वजह से आई। इससे मार्केट में चिप की कमी आई और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस मिलने बंद हो गए।

अब भी नहीं मिल रहे स्मार्ट डीएल

इस मामले की जानकारी रखने वाले कई लोगों ने बताया कि स्मार्ट कार्ड आधारित डॉक्युमेंट्स के लिए अब तक कई राज्यों में टेंडर जारी नहीं किए गए है। ईटी से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, विवेक भिमनवार ने कहा कि महाराष्ट्र में स्मार्ट ड्राइवर्स लाइसेंस के लिए टेंडर मनिपाल टेक्नोलॉजीस को दे दिया गया है। इसके अलावा इन्होंने बताया कि सप्लायर के काम शुरू करने के दो-तीन महीने में सेमीकंडक्टर चिप की कमी बहाल हो जाएगी।

डिजि लॉकर भी बहुत जोरदार

बहुत सारे ऑटोमोटिव डीलर्स के हवाले से ये जानकारी मिली है कि डीलरशिप की ओर से स्माट आरसी के अलावा स्मार्ट डीएल मिलने में देरी हो रही है। इस समय पर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा चलाया जाने वाला डिजि लॉकर बड़े काम की चीज बन जाता है। इसमें आप ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जैसे सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं जिसके बाद किसी डॉक्युमेंट की हार्ड कॉपी रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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