Royal Enfield ने बीते महीने अप्रैल 2026 में ही अपनी पॉपुलर बाइक Royal Enfield Hunter 350 के लाइनअप को अपडेट किया है। कंपनी ने नई कीमतों के साथ एक नया Base Premium वेरिएंट और दो नए कलर ऑप्शन Mumbai Yellow और Moonshot White भी पेश किए। लेकिन यहां ध्यान देनी वाली बात ये थी कि नए कलर ऑप्शन के साथ बाइक की कीमत भी बढ़ चुकी थी। एक ही बाइक के अलग-अलग रंगों के बीच 32 हजार रुपये से ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है। ऐसे में कई बायर्स यह जानना चाहते हैं कि आखिर केवल रंग बदलने से बाइक इतनी महंगी कैसे हो जाती है।
बाइक की शुरुआती कीमत 1,37,640 रुपये
नई प्राइस लिस्ट के अनुसार Hunter 350 का सबसे सस्ता Factory Black कलर 1,37,640 रुपये एक्स-शोरूम कीमत पर उपलब्ध है। वहीं Tarmac Black की कीमत 1,49,900 रुपये रखी गई है। दूसरी तरफ Tokyo Black, London Red, Rebel Blue, Moonshot White और Mumbai Yellow जैसे कलर ऑप्शन्स की कीमत 1,69,804 रुपये तक पहुंच जाती है। यानी बेस मॉडल और टॉप कलर वेरिएंट के बीच 32 हजार रुपये से ज्यादा का अंतर दिखाई देता है।,
| Hunter 350 कलर ऑप्शन | एक्स-शोरूम प्राइस |
|---|---|
| Factory Black | ₹1,37,640 |
| Tarmac Black | ₹1,49,900 |
| Graphite Grey | ₹1,65,133 |
| Dapper Grey | ₹1,65,133 |
| Rio White | ₹1,65,133 |
| Tokyo Black | ₹1,69,804 |
| London Red | ₹1,69,804 |
| Rebel Blue | ₹1,69,804 |
| Moonshot White | ₹1,69,804 |
| Mumbai Yellow | ₹1,69,804 |
कलर बदलते ही क्यों बढ़ जाती है कीमत

Royal Enfield Hunter 350 (Photo: Royal Enfield)
यहां बायर्स को समझने की जरूरत है कि यह अंतर हर बार केवल पेंट या कलर की वजह से नहीं होता। आमतौर पर बाइक कंपनियां अलग-अलग रंगों को अलग वेरिएंट्स के साथ जोड़ती हैं। यानी महंगे कलर वाले मॉडल में कई बार अतिरिक्त फीचर्स, बेहतर हार्डवेयर या अलग डिजाइन एलिमेंट्स भी दिए जाते हैं। इसी वजह से कीमत बढ़ जाती है। सस्ते वेरिएंट्स में बेस फीचर्स दिए जाते हैं, जबकि महंगे वेरिएंट्स में बेहतर ग्राफिक्स, प्रीमियम फिनिश और कुछ अतिरिक्त इक्विपमेंट शामिल हो सकते हैं। कई बार कंपनी LED लाइटिंग, ट्रिपर नेविगेशन, बेहतर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर या अलग व्हील डिजाइन जैसे फीचर्स भी केवल ऊंचे वेरिएंट्स में देती है। ऐसे में ग्राहक को सिर्फ नया रंग नहीं बल्कि पूरा अलग पैकेज मिलता है।
प्रीमियम कलर बनाने की लागत भी कारण
इसके अलावा, प्रीमियम कलर बनाने की लागत भी ज्यादा हो सकती है। खास तरह के डुअल-टोन पेंट, मेटैलिक फिनिश या स्पेशल कोटिंग वाले रंग सामान्य पेंट के मुकाबले महंगे पड़ते हैं। कुछ लिमिटेड एडिशन या एक्सक्लूसिव शेड्स ब्रांड की प्रीमियम पॉजिशनिंग को भी मजबूत करते हैं। यही कारण है कि कंपनियां ऐसे रंगों के लिए अतिरिक्त कीमत वसूलती हैं।
स्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी हैं बाइक
आजकल बाइक केवल एक वाहन नहीं बल्कि स्टाइल स्टेटमेंट भी बन चुकी है। युवा ग्राहक अलग और आकर्षक दिखने वाले रंगों को ज्यादा पसंद करते हैं। इसी वजह से कंपनियां प्रीमियम कलर्स को ऊंचे वेरिएंट्स के साथ जोड़कर पेश करती हैं, ताकि ग्राहकों को ज्यादा प्रीमियम फील मिल सके।
