सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। एनएचएआई ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हाईवे के किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग, दुकानों या अन्य प्रकार के अतिक्रमण और अनियंत्रित गतिविधियों के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहा है।
इन समस्याओं से निपटने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसे 595 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां अवैध पार्किंग की समस्या सबसे अधिक है। इन जगहों पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एनएचएआई राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहा है।
इसका उद्देश्य हाईवे किनारे होने वाली अवैध पार्किंग को हटाना और यात्रियों के लिए सुरक्षित व सुगम सफर सुनिश्चित करना है। साथ ही, एनएचएआई ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) की इकाइयों का तुरंत ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यातायात निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
डिवाइसेस का होगा ऑडिट
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को अहम निर्देश जारी किए हैं। एनएचएआई ने एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के तहत लगाए गए सभी डिवाइसेस और व्यवस्थाओं का तत्काल ऑडिट करने को कहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रैफिक की निगरानी और प्रबंधन से जुड़े सभी सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हों।
इससे हाईवे पर किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या यातायात बाधा की जानकारी समय पर मिल सकेगी और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा। इसके तहत यह भी जांच की जाएगी कि ATMS के सभी प्रमुख हिस्से पूरी तरह से सक्रिय और ठीक तरीके से काम कर रहे हैं। ऑडिट के तहत ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और इमरजेंसी कॉल बॉक्स जैसी सुविधाओं की जांच की जाएगी।
(इनपुट- भाषा)
