केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि देश में सहकारी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शाह (Amit Shah) ने कहा कि मंत्रालय की स्थापना से भारत के सहकारी आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है, जिसे कांग्रेस शासन के दौरान उपेक्षित आंदोलन बनाया गया था।
अगले दो वर्षों में 500 शहरों तक होगा भारत टैक्सी का विस्तार
न्यूज एजेंसी भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सहकारिता मंत्री ने कहा कि ’भारत टैक्सी’ अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अगले दो वर्षों में इसका विस्तार 500 शहरों तक किया जाएगा।
शाह ने कहा, "भारत टैक्सी (Bharat Taxi) की तर्ज पर हम सहकारी क्षेत्र में एक जीवन बीमा कंपनी स्थापित करेंगे। इससे बीमा क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं के विकास में मदद मिलेगी।’’
उन्होंने बताया कि उर्वरक क्षेत्र की सहकारी संस्था इफको पहले से ही एक जापानी कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम के माध्यम से बीमा कारोबार में है। भारत में लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाएं हैं, जिनके 30 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। मंत्री ने पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिनमें सहकारी तंत्र में पारदर्शिता और पेशेवर व्यवस्था लाने के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र का एक ’डेटाबेस’ तैयार किया है, जिससे देश में सहकारी संस्थाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।
सहकारी क्षेत्र ’विकसित भारत’ के निर्माण में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका
शाह ने कहा कि गुजरात के आणंद में क्षमता निर्माण के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जो मानव संसाधन की समस्या से निपटेगा। उन्होंने आगे कहा कि सहकारी संस्थाओं का विस्तार कई क्षेत्रों में हुआ है और वे अब केवल डेयरी, चीनी तथा उर्वरक कारोबार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारी क्षेत्र वर्ष 2047 तक ’विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्र में मौजूद केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को अधिक संगठित बनाने के लिए डेयरी सहकारी व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अब भी असंगठित है।
प्रमुख परियोजनाओं और पहलों का हुआ शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान शाह ने कई प्रमुख परियोजनाओं और पहलों का शिलान्यास तथा उद्घाटन किया। इन पहलों में 75,000 टन क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का उद्घाटन तथा 47 अनाज भंडारण गोदामों का वर्चुअल शिलान्यास शामिल था।
कार्यक्रम की एक अन्य प्रमुख उपलब्धि 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को ई-पैक्स में बदलना रही, जो जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शाह ने डेयरी सहकारी समितियों के लिए मॉडल उपविधियां तथा पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की उपलब्धियों पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया।
