ऑटो न्यूज़

मारुति सुजुकी ब्रेजा और फ्रॉन्क्स का हुआ क्रैश टेस्ट, जानें क्यों नहीं मिली सेफ्टी रेटिंग

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Dec 27, 2023, 09:22 PM IST

Maruti Suzuki की दो कारों - Brezza और Fronx का हाल में क्रैश टेस्ट हुआ है। हालांकि इसमें दोनों कारों को कोई सेफ्टी रेटिंग नहीं मिल पाई है, क्योंकि ये कंपनी द्वारा रिसर्च के लिए खुद किया गया क्रैश टेस्ट था।

Image

ये मारुति सुजुकी पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • मारुति सुजुकी की दो कारों का क्रैश टेस्ट
  • ब्रेज और फ्रॉन्क्स का हुआ इनहाउस टेस्ट
  • कारों को ज्यादा सुरक्षित बनाना है टार्गेट

Maruti Suzuki Crash Test: मारुति सुजुकी ने हाल में नया वीडियो शेयर किया है जिसमें कंपनी की दो कारें - फ्रॉन्क्स और ब्रेजा का क्रैश टेस्ट किया गया है। लेकिन दिलचस्प ये है कि इन दोनों कारों को फिलहाल कोई सेफ्टी रेटिंग नहीं मिल पाई है। वजह ये है कि इस क्रैश टेस्ट को कंपनी ने ही रिसर्च के लिए किया था। कंपनी का कहना है कि वो इन दोनों कारों की कठिन जांच कर रही है ताकि ये यात्रियों को अचानक सड़क पर आने वाली मुसीबत से बचाया जा सके। कंपनी ने खुदकी क्रैश टेस्ट फैसिलिटी में इन कारों का सेफ्टी टेस्ट किया है। ये मारुति सुजुकी पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है।

कई क्रैश टेस्ट किए गए

मारुति सुजुकी ने ब्रेजा और फ्रॉन्क्स के क्रैश टेस्ट में आगे से और बगल से टक्कर करके देखा है। इसमें कार के अंदर बैठाई गई डमी के अलावा कार को टक्कर का कितना फर्क पड़ता है, इसकी जांच की गई है। कंपनी ने ये दावा भी किया है कि अब नई कारों को मार्केट में लॉन्च करने से पहले 50 से ज्यादा क्रैश टेस्ट से गुजारा जाएगा। इस जांच में एक्सिडेंट के दौरान डमी, एयरबैग्स खुलने का समय, सीट के साथ इंटीरियर को कितना नुकसान हुआ है इसकी भी जांच की जाएगी।

ग्लोबल एनकैप में फेल!

2022 और 2023 के बीच ग्लोबल एनकैप द्वारा मारुति सुजुकी की 5 कारों का क्रैश टेस्ट किया गया, इनमें एस-प्रेसो, स्विफ्ट, वैगनआर, इग्निस और ऑल्टो के10 शामिल हैं। इन क्रैश टेस्ट्स में ऑल्टो को वयस्कों की सुरक्षा के लिए मिले 2 स्टार के अलावा बाकी सारे कारें 1 स्टार सेफ्टी रेटिंग ही हासिल कर पाई हैं। मारुति सुजुकी ने सुरक्षा में संभावित रूप से सुधार करके भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट के लिए अपनी 3 कारों को भेजा है। बता दें कि हाल में भारत सरकार ने देश में बनी कारों का क्रैश टेस्ट देश में ही शुरू कर दिया है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

और पढ़ें
End of Article