Mahindra Scorpio N Deadly Accident: सेफ्टी के मामले में महिंद्रा और टाटा की कारें बहुत बेहतर मानी जाती हैं। हाल में महिंद्रा स्कॉर्पियो एन का ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एसयूवी की भीषण दुर्घटना हुई। एक टैंकर से तेज रफ्तार स्कॉर्पियो जा भिड़ी जिसमें एसयूवी के बीच में से दो टुकड़े हो गए। इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद महिंद्रा स्कॉर्पियो एन में बैठे सभी यात्री सुरक्षित बच निकले। बता दें कि ग्लोबल एनकैप ने सेफ्टी के लिए इस एसयूवी को 5-स्टार रेटिंग दी है। यूट्यूब पर इसी का वीडियो प्रतीक सिंह नामक एक चैनल द्वारा पोस्ट किया गया है। हादसे के समय दो लोग कार में बैठे थे और वो दोनों ही सुरक्षित हैं।
केबिन में क्या-क्या मिला
व्हीलबेस बढ़ने से नई स्कॉर्पियो एन का केबिन पहले ज्यादा जगह वाला हो गया है और महिंद्रा ने इसे प्रीमियम बनाया है। यहां 12 स्पीकर्स वाले सोनी सिस्टम के साथ 3डी सराउंड साउंड सिस्टम, ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी, 20.32 इंच का इंफोटेनमेंट स्क्रीन, सेगमेंट में सबसे चौड़ी सनरूफ, लेदरेट सीट्स और 70 से ज्यादा कनेक्टेड कार फीचर्स एसयूवी के केबिन में दिए गए हैं। यहां एड्रीनॉक्स के जरिए टेंपरेचर कंट्रोल किया जा सकता है, इसके अलावा दावा है कि ये दुनिया की पहली एसयूवी है जिसे व्हाट3वर्ड्स नेविगेशन सिस्टम दिया गया है जो वॉइस कमांड पर काम करता है।
कितना दमदार है इंजन
नई स्कॉर्पियो एन के साथ एमस्टेलियन पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 200 पीएस ताकत और 380 एनएम पीक टॉर्क बनाता है। दूसरी ओर एमहॉक डीजल इंजन 175 पीएस पावर और 400 एनएम पीक टॉर्क जनरेट करता है। ये नई एसयूवी सेगमेंट की सबसे कम प्रदूषण फैलाने वाली कार बनकर सामने आई है। कंपनी ने इस दोनों इंजन को 6-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्पों से लैस किया है। इसके साथ ही सेगमेंट में पहली बार शिफ्ट बाय केबल तकनीक का इस्तेमाल भी इसी एसयूवी में किया गया है।
सेफ्टी में जोरदार है एसयूवी
महिंद्रा स्कॉर्पियो एन के साथ 6 एयरबैग्स, एबीएस के साथ ईबीडी, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम, हिल होल्ड कंट्रोल, ब्रेक डिस्क वाइपिंग, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक प्रीफिल, ई-कॉल, एसओएस स्विच और रोल ओवर मिटिगेशन जैसे कई और सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा नई एसयूवी कई ड्राइविंग मोड्स के साथ आई है जिनमें टारमेक, स्नो, मड और डेजर्ट शामिल हैं। नई कार को 4एक्सप्लोर टेरेन मैनेजमेंट सिस्टम भी दिया गया है।
