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महिंद्रा ने पेश किया अपना पहला सीएनजी ट्रैक्टर, हर घंटे होगी 100 रुपये की बचत

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Nov 28, 2023, 08:19 PM IST

ट्रैक्टर के मार्केट की नामचीन कंपनी Mahindra ने अपना पहला CNG से चलने वाला Tractor पेश किया है। ये ट्रैक्टर डीजल मॉडल के मुकाबले बहुत बेहतर और किफायती है जो हर घंटे लगभग 100 रुपये बचाता है।

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सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इससे पर्दा हटाया गया।

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • महिंद्रा सीएनज ट्रैक्टर से हटा पर्दा
  • डीजल ट्रैक्टर से हर चीज में अच्छा
  • हर घंटे करेगा 100 रुपये की बचत

Mahindra First CNG Tractor: भारत के शीर्ष ट्रैक्टर निर्माताओं में एक और किसानों के पसंदीदा ब्रांड महिंद्रा ने अपना पहला सीएनजी मोनो फ्यूल ट्रैक्टर पेश किया है। कंपनी ने नागपुर में हुए एग्रोविजन में ये ट्रैक्टर पेश किया है जो मध्य भारत की सबसे बड़ी कृषि समिट मानी जाती है। महिंद्रा युवा रेंज के इस नए सीएनजी ट्रैक्टर को चार दिनों तक चलने वाली इस समिट के पहले ही दिन पेश किया गया है। दिलचस्प ये है कि इस ट्रैक्टर में डीजल की जगह सीएनजी डलती है तो बड़ी मात्रा में प्रदूषण कम करती है। यही वजह थी कि सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इससे पर्दा हटाया गया।

खर्च बचेगा, प्रदूषण घटेगा

कंपनी ने कहा है कि ये ट्रैक्टर सीएनजी से चलता है और इसमें ना सिर्फ कम ईंधन लगेगा, बल्कि प्रदर्शन बेहतर होने के साथ लागत भी कम आएगी। इसे महिंद्रा की चेन्नई स्थित रिसर्च वैली में बनाया और जांचा गया है। महिंद्रा का दावा है कि ये सीएनजी ट्रैक्टर इसके डीजल मॉडल जितना की दमदार है और इसमें ईंधन की खपत 70 प्रतिशत तक कम होती है। इसमें इंजन का वाइब्रेशन भी बहुत कम है और आवाज भी ज्यादा नहीं करता। कुल मिलाकर ये आरामदायक होने के साथ तेजी से काम करता है और इंजन की उम्र भी ज्यादा है।

हर घंटे बचेंगे 100 रुपये

खेती के साथ-साथ माल वाहक के रूप में एयरपोर्ट और अन्य जगहों पर इसे इस्तेमाल बतौर प्रदूषण मुक्त ट्रैक्टर किया जा सकता है। महिंद्रा ने ये भी बताया है कि सीएनजी ट्रैक्टर किसी भी मायने में इसके डीजल मॉडल से कम नहीं पड़ता। इसके साथ 4 टैंक दिए गए हैं जिनमें से कर एक 45 लीटर पानी भरने की क्षमता वाला है। इसमें 24 किग्रा गैस भरी जा सकती है और 200-बार प्रेशर पर इसे भरा जा सकता है। कंपनी ने ये दावा भी किया है कि डीजल ट्रैक्टर के मुकाबले इसके इस्तेमाल से हर घंटे लगभग 100 रुपये की बचत की जा सकती है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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