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Cab Fare Hike: कैब किराये में बदलाव, अब ‘पीक ऑवर’ में 2 गुना तक बढ़ेगा किराया, सरकार ने दी अनुमति

Cab Fare Hike: सड़क परिवहन मंत्रालय ने कैब एग्रीगेटर्स को ‘पीक ऑवर’ में आधार किराये का दो गुना तक शुल्क लेने की अनुमति दी है, जो पहले 1.5 गुना था। गैर-पीक समय में किराया आधार मूल्य का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए। मंत्रालय के ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश-2025’ के अनुसार, एग्रीगेटर न्यूनतम 50 प्रतिशत कम और अधिकतम दो गुना गतिशील मूल्य निर्धारण कर सकते हैं।

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सरकार ने कैब कंपनियों को ‘व्यस्ततम समय' के दौरान बेस प्राइस का दोगुना तक शुल्क लेने की अनुमति दी।

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Cab Fare Hike: सड़क परिवहन मंत्रालय ने कैब सेवा देने वाले एग्रीगेटर्स (जैसे ओला, उबर) को ‘पीक ऑवर’ यानी व्यस्त समय के दौरान अब अपने बेस किराये का 2 गुना तक चार्ज करने की अनुमति दे दी है। पहले यह सीमा 1.5 गुना थी।

न्यूनतम किराया और दूरी

गैर-पीक टाइम में भी कम से कम बेस किराया का 50% चार्ज करना होगा। साथ ही, कम से कम तीन किलोमीटर की यात्रा का किराया वसूलना अनिवार्य होगा ताकि बिना पैसेंजर के दूरी तय करने का खर्चा पूरा हो सके।

किराये की सीमा राज्य सरकार तय करेगी

राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों के लिए मोटर वाहन की श्रेणी के हिसाब से किराया तय करेंगी, जिसे एग्रीगेटर यात्रियों से वसूलेंगे।

कैंसिलेशन पर जुर्माना

अगर कैब बगैर सही वजह रद्द होती है, तो ड्राइवर को किराये का 10% जुर्माना देना होगा, जो 100 रुपये से ज्यादा नहीं होगा। ऐसे ही यात्री द्वारा बिना वजह रद्द करने पर भी जुर्माना लगेगा।

लाइसेंस और बीमा की शर्तें

एग्रीगेटर को पांच लाख रुपये का लाइसेंस शुल्क देना होगा और यह लाइसेंस पांच साल तक मान्य होगा। ड्राइवरों के पास कम से कम 5 लाख और 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य और सावधानी बीमा होना जरूरी है।

नए नियमों को अपनाने की सलाह

राज्यों को कहा गया है कि वे तीन महीने के अंदर इन नए नियमों को लागू करें।

पुराने वाहनों को शामिल नहीं किया जाएगा

एग्रीगेटर को ऐसे वाहन शामिल करने की अनुमति नहीं होगी, जिनका पंजीकरण आठ साल से ज्यादा पुराना हो।

शिकायत अधिकारी की नियुक्ति

एग्रीगेटर को शिकायतों के लिए एक अधिकारी नियुक्त करना होगा ताकि यात्रियों की समस्याएं जल्दी सुलझाई जा सकें। यह नियम यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए बेहतर सेवा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। (भाषा इनपुट के साथ)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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