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Lithium Reserve: जम्मू-कश्मीर में खोजा गया वो रिजर्व जो भारत में पहली बार मिला, सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन!

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Feb 10, 2023, 01:41 PM IST

जम्मू-कश्मीर में Lithium Reserve खोजा गया है जो देश में पहली बार मिला है. इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों में लगने वाली बैटरी में किया जाता है और लिथियम रिजर्व के मिलने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते हो सकते हैं.

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केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राज्य में 5.9 मिलियन टन लिथियम रिजर्व खोज लिया है

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • भारत में पहली बार मिला लिथयम
  • 5.9 मिलियन टर्न रिजर्व की खोज
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत घटेगी!

Lithium Reserve Found In India: जम्मू-कश्मीर से एक बहुत खुशी की खबर आ रही है. केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राज्य में 5.9 मिलियन टन लिथियम रिजर्व खोज लिया है जो भारत में पहली बार मिला गया है. लिथियम एक नॉन फेसर मेटल है जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में होता है. खनन मंत्रालय ने कहा, -जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने पहली बार जम्मू एंड कश्मीर के रिआसी जिले के सलाल-हिमाना इलाके में 5.9 मिलियन टन लिथियम इन्फर्ड रिसोर्स जी3 खोज निकाला है जो देश में पहली बार मिला है.-

इन राज्यों में मिले बड़े रिजर्व

मंत्रालय ने आगे जानकारी दी कि कुल 51 मिनरल ब्लॉक्स में से 5 ब्लॉक सोने के हैं, वहीं बाकी ब्लॉक्स में पोटाश, मोलिब्डेनम, बेस मेटल्स और अन्य पदार्थ पाए गए हैं. ये सभी ब्लॉक्स देशभर के 11 राज्यों में फैले हुए हैं जिनमें जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं. इन सबके अलावा कोयले और लिग्नाइट के भी 7897 मिलियन टन रिजर्व मिले हैं.

सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन!

लिथियम का इस्तेमाल मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में किया जाता है और भारतीय संदर्भ में बैटरी आयात की जाती हैं. यही वजह है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन लिथियम की गैरमौजूदगी के चलते अब तक महंगे दाम पर बिक रहे हैं. हालांकि लिथयम रिजर्व मिलने पर फिलहाल खुशी मनाने की जरूरत इसीलिए नहीं है क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग बहुत पेचीदा काम है और इस रिजर्व को इलेक्ट्रिक बैटरी में बदलने में बहुत समय लगने वाला है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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