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क्या गर्मी में Car की टंकी फुल करवाने से सच में लग सकती है आग? जानिए हकीकत

अधिकतर लोगों को लगता है कि गर्मियों में कार की टंकी फुल नहीं करवानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को लगता है कि टंकी फुल करवाने से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।

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Car Fuel Tank (Photo: iStock)

गर्मियों में अक्सर Car की पेट्रोल टंकी को लेकर एक दावा किया जाता है कि टंकी (Car Fuel Tank) फुल करवाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आग लगने या टैंक फटने का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, कई लोग इसी डर की वजह से गर्मियों में आधी टंकी ही भरवाना पसंद करते हैं। अगर आपको भी ऐसा लगता है तो ये जानकारी आपके लिए काम की साबित हो सकती है।

पेट्रोल टंकी को लेकर क्या है सच्चाई

दरअसल, इस तरह के दावों में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं होती। क्योंकि आज कल की कारों के फ्यूल टैंक इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे गर्मियों के दिनों और प्रेशर को आसानी से संभाल सकें। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल का भी यही मानना है कि कार बनाने वाली कंपनियां अपनी गाड़ियों को हर तरह के मौसम और तापमान को ध्यान में रखकर डिजाइन करती हैं। फ्यूल टैंक भी सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाए जाते हैं। इसलिए कंपनी द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा तक पेट्रोल या डीजल भरवाना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। यानी सामान्य तरीके से टंकी फुल करवाने से आग लगने या टैंक फटने का खतरा नहीं बढ़ता।

इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल का ऑटो-इग्निशन टेम्प्रेचर यानी बिना चिंगारी के खुद आग पकड़ने का तापमान बहुत ज्यादा होता है। सामान्य गर्मियों का तापमान उस स्तर तक नहीं पहुंचता। यही वजह है कि सिर्फ धूप या गर्म मौसम की वजह से फुल टैंक वाली कार में विस्फोट होने की संभावना बेहद कम मानी जाती है।

टंकी फुल क्यों नहीं करवानी चाहिए

हालांकि कार चालक को ओवरफिलिंग यानी ऑटो-कट के बाद भी बार-बार अतिरिक्त पेट्रोल भरवाने से बचना चाहिए। आज कल की कारों में EVAP (Evaporative Emission Control System) सिस्टम होता है, जो फ्यूल वेपर को नियंत्रित करता है। अगर टैंक को जरूरत से ज्यादा भर दिया जाए तो यह सिस्टम प्रभावित हो सकता है और फ्यूल वेपर मैनेजमेंट (fuel vapour management) में दिक्कत आ सकती है।

जानकार मानते हैं कि पेट्रोल पंप पर नोजल के ऑटोकट होने के बाद अतिरिक्त पेट्रोल नहीं भरवाना चाहिए। इससे फ्यूल एक्सपैंशन के लिए जरूरी स्पेस कम हो सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि फुल टैंक करवाना खतरनाक है। सामान्य तरीके से टंकी फुल करवाना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।

कम फ्यूल लेवल का भी रखें ध्यान

इसके अलावा, बहुत कम फ्यूल लेवल पर लगातार गाड़ी चलाना भी सही नहीं होता। इससे फ्यूल पंप पर असर पड़ सकता है और टैंक के अंदर जमा गंदगी फ्यूल सिस्टम तक पहुंच सकती हैं। इसलिए कई लोग टैंक को बहुत ज्यादा खाली होने से पहले ही रिफिल करवाना बेहतर मानते हैं।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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