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गाड़ी का बेस वेरिएंट खरीदें या टॉप? जानें कौन सा वेरिएंट होगा वैल्यू फॉर मनी

बेस वेरिएंट लें या टॉप वेरिएंट- आमतौर पर कार खरीदते समय यह सवाल सामने आता है कि बेस वेरिएंट लें और टॉप वेरिएंट? बेस वेरिएंट की कीमत कम होती और टॉप की ज्यादा, हालांकि आज के बाद आपकी यह उलझन खत्म हो जाएगी, क्योंकि आज की इस रिपोर्ट मे हम आपको बताएंगे कि किसी भी कार का बेस वेरिएंट खरीदना चाहिए या टॉप और क्यों?

गाड़ी का बेस वेरिएंट खरीदें या टॉप?

गाड़ी का बेस वेरिएंट खरीदें या टॉप/Photo-AI

भारतीय कार बाजार में लगभग हर मॉडल कई वेरिएंट्स में आता है। ऐसे में खरीदार को यह तय करने में मुश्किल होती है कि बेस मॉडल चुने या टॉप वेरिएंट। कीमत, फीचर्स और जरूरत, ये तीन बातें ही वेरिएंट को तय करती हैं। आइए जरा समझने की कोशिश करते हैं कि किसी भी कार का बेस वेरिएंट खरीदना चाहिए या टॉप वेरिएंट....

बेस वेरिएंट क्यों चुनते हैं ग्राहक?

बेस वेरिएंट उन लोगों के लिए परफेक्ट होता है जिनका बजट सीमित है और जिन्हें बहुत ज्यादा फीचर्स की आवश्यकता नहीं। इसमें इंजन, माइलेज और बेसिक सेफ्टी फीचर्स तो मिलते ही हैं, साथ ही कीमत भी काफी कम रहती है। कई खरीदार बाद में अपनी पसंद के अनुसार आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज लगवाना पसंद करते हैं, जिससे वे गाड़ी को कस्टमाइज कर पाते हैं।

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उदाहरण से समझें तो यदि Maruti Swift का बेस वेरिएंट 6 लाख रुपये का आता है और आपका बजट उसी रेंज में है, तो यह आपके लिए सही विकल्प बन सकता है। माइलेज और इंजन क्वालिटी वही रहेगी जो टॉप मॉडल में मिलती है।

टॉप वेरिएंट के फायदे: प्रीमियम फीचर्स और टेक्नॉलॉजी

टॉप वेरिएंट उन लोगों के लिए है जो सुविधा, सुरक्षा और लक्जरी चाहने वाले हैं। इसमें कंपनी द्वारा दिए गए सभी प्रीमियम फीचर्स उपलब्ध होते हैं, जैसे सनरूफ, बड़ा टचस्क्रीन, ADAS, अलॉय व्हील्स, 360-डिग्री कैमरा और वेंटिलेटेड सीट्स। ये वेरिएंट लंबे समय तक गाड़ी रखने वालों के लिए बेहतर हैं, क्योंकि इनके फीचर्स गाड़ी की रीसेल वैल्यू भी बढ़ाते हैं।

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उदाहरण: Tata Nexon का टॉप मॉडल लगभग 15 लाख रुपये तक जाता है, हालांकि कीमत ज्यादा है, लेकिन जो लोग हाई-टेक और कम्फर्टेबल ड्राइविंग चाहेंगे, उनके लिए यह सही सौदा है।

बेस और टॉप वेरिएंट में कीमत का अंतर कितना मायने रखता है?

अक्सर बेस और टॉप मॉडल के बीच 3 से 6 लाख रुपये तक का अंतर मिल जाता है। ऐसे में खरीदार को सोचने की जरूरत है कि क्या वह सभी प्रीमियम फीचर्स का इस्तेमाल करेगा? कुछ फीचर्स जैसे ADAS, एयरबैग्स या 360 कैमरा आफ्टरमार्केट में नहीं लगते, इसलिए टॉप मॉडल में ही बेहतर रहते हैं। वहीं, टचस्क्रीन, सीट कवर, अलॉय व्हील्स आदि आसानी से बाद में फिट कराए जा सकते हैं।

किसके लिए कौन सा वेरिएंट बेहतर?

  • बेस वेरिएंट चुनें अगर: आपका बजट सीमित है, आपको केवल बेसिक फीचर्स से काम चल जाता है, आप आफ्टरमार्केट कस्टमाइजेशन का शौक रखते हैं।
  • टॉप वेरिएंट चुनें अगर: आप प्रीमियम फीचर्स और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, आपको कम्फर्ट और टेक्नोलॉजी पसंद है, आप गाड़ी लंबे समय तक रखने वाले हैं।

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Pradeep Pandey
Pradeep Pandey Author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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