जरूरत और बजट
आपको सबसे पहले यह समझने की जरूरत है कि नई बाइक किस उद्देश्य से खरीदी जा रही है। जैसे कुछ लोग रोजाना ऑफिस-कॉलेज जाने के लिए बाइक खरीदते हैं तो कुछ लोग लॉन्ग राइड या शहर में चलाने के लिए बाइक खरीदते हैं। जरूरत के बाद बजट तय करें, जिसमें बीमा, रजिस्ट्रेशन और एक्सेसरीज का खर्च भी शामिल हो।इंजन कैपेसिटी और माइलेज
रोजमर्रा के इस्तेमाल और ज्यादा माइलेज के लिए 100–125cc बाइक खरीद सके हैं। पावर और माइलेज का बैलेंस चाहिए तो 150–200cc बाइक के ऑप्शन पर जा सकते हैं। इसी तरह, स्पोर्ट्स और हाईवे राइडिंग के लिए 200cc से ऊपर की बाइक खरीद सकते हैं।
सेफ्टी फीचर्स, सीट कंफर्ट और राइडिंग पोजीशन
बाइक में ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम), डिस्क ब्रेक, ट्यूबलेस टायर, मजबूत चेसिस का ध्यान जरूर रखें। इसके अलावा, लंबे समय तक बाइक चलाने के लिए जरूरी है कि सीट आरामदायक हो, हैंडलबार और फुटरेस्ट की पोजीशन सही हो और पिलियन सीट भी कंफर्टेबल हो। बाइक में मोबाइल कनेक्टिविटी, यूएसबी चार्जर और ट्रैक्शन कंट्रोल पर भी ध्यान दें।
मेंटेनेंस और सर्विस नेटवर्क
आप चाहे जिस भी शहर में रहते हों किसी भी नई बाइक की खरीदारी के लिए यह बेहद जरूरी है कि कंपनी का सर्विस नेटवर्क आपके शहर में उपलब्ध हो। ऐसी कंपनी की बाइक खरीदें, जिसके स्पेयर पार्ट्स भी आपको मार्केट से आसानी से मिल जाएं। इसके अलावा, बाइक को लेकर पहले ही चेक कर लें इसकी सर्विस कॉस्ट ज्यादा न हो।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स और ऑन-रोड कीमत
बाइक की खरीदारी के समय जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), इंश्योरेंस पेपर्स, वारंटी बुक और सर्विस बुक जरूर लें। इसके अलावा, बाइक की ऑन-रोड कीमत की भी जानकारी लें।
टेस्ट राइड
सभी जरूरी बातों का ध्यान रखने के बाद बाइक पसंद कर ली है और अब इसे घर लाने जा रहे हैं तो टेस्ट राइड लेना न भूलें। टेस्ट राइड से आपको क्लच और गियर की स्मूथनेस, ब्रेकिंग परफॉर्मेंस और सस्पेंशन का कम्फर्ट जांच सकते हैं।
